SAMASTIPUR : समस्तीपुर जिले में कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे विस्फोटक रूप अख्तियार करता जा रहा है। जिले के अलग-अलग प्रखंडों कोरोना संक्रमित 34 नए मरीजों की पहचान की गई है। फिलहाल 45 माइक्रो कंटेनमेंट जोन संचालित किया जा रहा है। इसको लेकर 5437 लोगों की जांच कराई गई थी। इसके साथ ही जिले में एक्टिव संक्रमितों की संख्या 168 हो गई है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के 159 व शहरी क्षेत्र के नौ लोग शामिल है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में अब तक 87 पॉजिटिव मिले है। विश्वविद्यालय परिसर में कुल 1549 में 1346 की जांच की जा चुकी है। विश्वविद्यालय परिसर को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। पूसा विश्वविद्यालय में 250 छात्र, 99 छात्रा और 997 प्राध्यापक, अधिकारी व कर्मियों की जांच हुई है। बढ़ रहे कोरोना संक्रमित
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। कोरोना जांच का दायरा भी बढ़ा है। लेकिन कई लोग कोरोना जांच करवाने से कतरा रहे है। चिकित्सक के मुताबिक जांच नहीं करवाने से पता ही नहीं चलेगा कि कोरोना है या नहीं। अगर कोरोना है तो घर के सदस्य के अलावा अन्य भी इससे संक्रमित हो सकते है। अत: जांच करवाना अनिवार्य किया गया है। एक वरीय चिकित्सा पदाधिकारी समेत जज दंपती भी हुए कोरोना पॉजिटिव
समस्तीपुर : जिले के एक वरीय चिकित्सा पदाधिकारी समेत जज भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। हालांकि ट्रूनेट जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। एनटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। बताया जाता है कि समस्तीपुर के एक वरीय चिकित्सा पदाधिकारी के साथ-साथ रोसड़ा के जज दंपती भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
इसके कारण स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ न्यायालय कर्मियों में भी हड़कंप मच गया है। वहीं रेलवे के भी कई कर्मियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि किसी भी स्तर पर नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच रिपोर्ट पटना से नहीं आ जाती तब तक कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। वैसे दिनभर इसको लेकर समस्तीपुर से लेकर रोसड़ा तक चर्चा होती रही।