परिजनों के अनुसार, चुन्नु 27 फरवरी से लापता था। उसके बाद से उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं हो पा रहा था और मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। लगातार संपर्क नहीं होने पर 2 मार्च को उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने पुलिस लाइन पहुंच कर खोजबीन की।
खोजबीन के क्रम में बताया गया कि उसकी ड्यूटी लखीसराय जेल में है। इसके बाद बैरक के सिपाहियों से चुन्नू के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वह 27 फरवरी की सुबह 11 बजे बैरक से गया है और अब तक वापस नहीं आया है।
मुंगेर के डीह गांव में बुधवार को एक किसान को गंगा घाट किनारे शव दिखा। उसने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव कब्जे ले लिया। चेहरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण पहचान नहीं हो पा रही थी। पानी में रहने के कारण शव फूल गया था।
शव के पास मोबाइल फोन और एक मेमोरी कार्ड मिले थे। मेमोरी कार्ड को खंगाला गया तो लखीसराय के कुछ पुलिसकर्मियों की तस्वीरें मिलीं। इसके बाद लखीसराय पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस जवान के परिजनों को लेकर मुंगेर आए तब जाकर शव की शिनाख्त हुई। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।