2021/03/10

दरोगा गिरफ्तार : दारू पीकर ड्यूटी पर झूम रहे थे दरोगा जी....औचक निरीक्षण के दौरान DIG ने पियक्कड़ दरोगा को पकड़ा

SAHARSA : बिहार में शराबबंदी के बावजूद लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि शराब माफिया चोरी-छिपे शराब की तस्करी कर रहे है। विपक्ष भी लगातार होम डिलीवरी की बात बोलकर नीतीश सरकार को निशाने पर ले रहा है। लेकिन हैरानी की बात है कि जिनके कंधे पर इस कानून को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी है, वे खुद ही शराब पीकर डिपार्टमेंट की नाक कटा रहे हैं। 

सरकार शराबबंदी कानून को लेकर सख्त है। लेकिन इसके अनुपालन की जिसपर जिम्मेवारी है वो खुद नशे में झूमते हुए पकड़ा गया। हालांकि औचक निरीक्षण को पहुंचे कोसी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देश पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

मामला सहरसा जिले के सौरबाजार थाना का है। जहां पदस्थापित एएसआइ ओमप्रकाश राम सोमवार की देर रात शराब के नशे में ड्यूटी करते कर रहे थे। जांच में शराब पीने की पुष्टि होने पर केस दर्ज कर पुलिस जेल भेजने की कार्रवाई में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार कोसी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक प्रणव कुमार प्रवीण देर रात औचक निरीक्षण करने सौरबाजार थाना पहुंच गये। वहां ड्यूटी पर तैनात जमादार ओमप्रकाश राम के मुंह से शराब की बदबू आने पर डीआइजी ने तुरंत जांच कराने का निर्देश दिया। 

ब्रेथ एनलाइजर के अलावा अस्पताल में भी उसकी जांच कराई गई। जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

सदर एसडीपीओ संतोष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार जमादार पर उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत सौरबाजार थाना में मामला दर्ज किया गया है। जबकि जमादार को जेल भेजने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। न्यायालय के आदेश से जेल भेजा जाएगा।

औचक निरीक्षण के दौरान शराब के नशे में पकड़े गए एएसआई को लेकर लोग तरह तरह की चर्चा कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि पकड़े गए पुलिस कर्मी पर पहले भी शराब पीने का आरोप लग चुके हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी। 

सोमवार की रात शराब के नशे में पकड़े जाने के बाद जांच के दौरान इसकी पुष्टि भी हो गई। वहीं, डीआईजी की इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। हालांकि इस मामले पर अब तक कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आम लोग भी दबी जुबान इसकी चर्चा कर रहे हैं।आरोपी दारोगा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वही कुछ अन्य बिंदुओं पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। 

आपको बता दें कि बीते 15 फ़रवरी को मधनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अहम बैठक में सीएम नीतीश ने यह निर्णय लिया कि अगर कोई भी पुलिसवाला शराब पीते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल बर्खास्त कर दें। यानी कि उसकी नौकरी चली जाएगी।

रिपोर्ट-रितेश हन्नी@सहरसा