2021/03/16

बिहार : शिक्षक को छात्रा से हुआ प्यार, शादी नहीं होने पर कोचिंग में आग लगाकर मर गए दोनों

DESK : बिहार के खगड़िया जिले से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है. दरअसल एक प्रेमी जोड़े ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली है. दोनों की मौत को लेकर इलाके में काफी चर्चा हो रही है. 

क्योंकि दोनों के बीच प्रेमी-प्रेमिका के अलावा शिक्षक और छात्रा का भी रिश्ता था. फिलहाल पुलिस दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल लेकर गई है. मामले की छानबीन की जा रही है.

खगड़िया शहर के चित्रगुप्तनगर थाना से 100 मीटर दूर सोमवार शाम झकझोर देने वाली घटना सामने आई। 20 साल का प्रेमी उत्तम राउत 17 साल की प्रेमिका लक्ष्मी कुमारी के बालिग होने का इंतजार कर रहा था और इधर घर वालों ने 16 अप्रैल को लड़की की शादी तय कर दी। जुदाई का दर्द सहने की जगह प्रेमी-प्रेमिका ने खुद को आग के हवाले कर दिया। जिंदा जल गए।

गोगरी गांव निवासी भोला राउत का बेटा उत्तम चित्रगुप्तनगर की झुग्गी में अपनी बड़ी बहन के साथ रहता था। उत्तम बीए का छात्र था और वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। उत्तम की बहन की झोपड़ी के सामने ही मंटू पोद्दार की झोपड़ी थी। मंटू की बेटी लक्ष्मी भी अपने भाई-बहनों के साथ उत्तम के पास ट्यूशन पढ़ती थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। इसकी जानकारी यहां सभी को थी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे अचानक अंदर से प्लास्टिक जलने की बदबू आई। जबतक सब लोग दौड़कर आते तबतक धू-धूकर पूरी झोपड़ी जलने लगी। अंदर दोनों जल रहे थे। मेन गेट में जंजीर और ताला लगा था। इस कारण हमलोग उन्हें बचा नहीं पाए।

 घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। दमकल की गाड़ी आई तो आग पर काबू पाया गया। जब हादसा हुआ तो झोपड़ी में उत्तम और लक्ष्मी के अलावा कोई और नहीं था। दो कमरा था, एक कमरे में उत्तम ही रहता था। उसी में दोनों जिंदा जल गए। सामने लक्ष्मी की झोपड़ी में भी घर का कोई सदस्य नहीं था। उसके घर के कुछ बच्चे वहां खेल रहे थे।

मंटू पोद्दार की तीन बेटियों और दो बेटों में लक्ष्मी दूसरे स्थान पर थी। बड़ी बेटी की शादी पहले ही हो चुकी थी। एक बेटी सबसे छोटी है। दोनों भाई भी लक्ष्मी से छोटे हैं। सदर अस्पताल में रोते-बिलखते पिता ने कहा कि मैं गोलगप्पे बेचकर अपना परिवार चलाता हूं।

 बेटी की शादी तय कर दी थी। मेरे कामकाज और परिवार का हिसाब-किताब लक्ष्मी ही रखती थी। मेरा मोबाइल भी उसके पास ही रहता था। अब सबकुछ खत्म हो गया।

पुलिस घटना को लेकर पड़ताल में जुट गई और वहां मौजदू लोगों का बयान लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों के परिजनों के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल भेज दिया। 

वहां दोनों के परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाया गया। लक्ष्मी के शव को उसके पिता मंटू पोद्दार और उत्तम के शव को उसके बड़े भाई दीपक राउत को सौंप दिया गया।