PATNA : सब को शिक्षा और सब को रोजगार की मांग को लेकर वामपंथी दालों ने आज खूब बवाल काटा. दरअसल, वामपंथी दलों के छात्र संगठनों ने आज विधानसभा घेराव करने का फैसला लिया था. इसी बीच कार्यकर्ता सड़क पर बवाल काटते विधानसभा जा रहे थे, जेपी गोलंबर के पास पहुंचते ही पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया. बैरिकेडिंग करने के बाद भी जब कार्यकर्त्ता नहीं रुके तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इसमें कई कार्यकर्ताओं का सिर फट गया. पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले का भी प्रयोग किया.


डुमरांव विधायक का कुर्ता गायब
हंगामे के दौरान डुमरांव के विधायक अजीत कुमार सिंह का कुर्ता फट गया और कहीं गिर कर गायब हो गया। विधायक ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें और पालीगंज विधायक संदीप सौरभ व अगियांव विधायक मनोज मंजिल पर प्रशासन ने चिन्हित कर हमला किया। हमने अपनी पहचान बताई और प्रशासन से छात्रों को सभा करने को कहा, बावजूद इसके किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। हमपर यह हमला CM नीतीश कुमार के इशारों पर किया गया है। उन्होंने कहा कि रोजगार की मांग को लेकर युवाओं द्वारा विधानसभा मार्च का आयोजन किया गया था। सरकार ने 19 लाख रोजगार देने का वादा किया था। अब लोन देने की बात कह रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर हमलोग युवाओं के साथ सड़क पर उतरे थे।

ASP के सीने पर लगा पत्थर, SI का सर फूटा
हंगामे के दौरान हुई रोड़ेबाजी में मौके पर मौजूद ASP लॉ एंड आर्डर स्वर्ण प्रभात के सीने पर पत्थर लग गया। 55 वर्षीय एक सब इंस्पेक्टर का सर भी फट गया है। गांधी मैदान के थानेदार रणजीत वत्स को भी पत्थर लगा है। कई अन्य पुलिसवाले भी घायल हुए हैं। सभी को इलाज के लिए PMCH भेजा गया है।

कई प्रदर्शनकारी भी घायल
लाठीचार्ज में AISA के कई कार्यकर्ता भी घायल हो गए हैं। घायलों को उनके साथी उठाकर PMCH में इलाज के लिए ले गए हैं। किसी को गंभीर चोट तो नहीं आई है लेकिन कइयों के सर फूटे हैं और चेहरे पर चोट लगी है।


2 घंटे बाद कंट्रोल में स्थिति
दोपहर करीब 12 :30 बजे प्रदर्शनकारी छात्र जेपी गोलंबर के पास जमा हो गए थे। पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम कर सभी को यहीं पर रोक दिया था। छात्र मार्च करते हुए विधानसभा जाना चाहते थे। इसी मुद्दे पर छात्रों और पुलिसवालों में बहस हो गई। पुलिस के लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों की रोड़ेबाजी की वजह से जेपी गोलंबर से रामगुलाम चौक होते हुए गांधी मैदान का दक्षिणी इलाका पूरी तरह से ब्लॉक हो गया था। हंगामे के बाद जब सभी छात्र इधर-उधर हुए तब करीब दो घंटे बाद 2 बजे के आसपास इलाके में ट्रैफिक शुरू हो सका।