DESK : अगर आपकाे किसी काम के लिए बैंक जाना है, तो यह ख्याल आज छोड़ दें और कल के लिए भी। बैंकों के निजीकरण के खिलाफ दो दिवसीय बैंक हड़ताल सोमवार से शुरू हो रही है। इस कारण भारतीय स्टेट बैंक समेत सभी सरकारी वाणिज्यिक और ग्रामीण बैंकों की सभी शाखाएं और उनके एटीएम बंद रहेंगे।
हालांकि, निजी बैंक और उनके एटीएम में कार्य सामान्य रूप से चलता रहेगा। इसलिए बेहतर यही होगा कि बैंक वाला अगर कोई जरूरी काम है तो निजी बैंक का सहारा लें। अगर आपका काम सरकारी बैंक से ही होना है, तो इसके लिए आपको बुधवार तक का इंतजार करना ही पड़ेगा।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि सोमवार सुबह से सभी अधिकारी व कर्मचारी अपनी शाखाओं में प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद वे अंचल कार्यालय जाकर भी प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि रविवार को बैंक कर्मचारियों की ओर से जन प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, स्टूडेंट यूनियनों, सेंट्रल ट्रेड यूनियनों से संपर्क कर हड़ताल को समर्थन देने की अपील की गई है। उन्हेंं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण से होने वाले नुकसान की जानकारी भी दी गई।
बिहार प्रोविंशियल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के उप महासचिव संजय तिवारी ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से ग्रामीण व सुदूर इलाकों में बैंकिंग सेवा नहीं मिल पाएगी। बैंकों ने अपने दम पर श्वेत, हरित क्रांति लाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
ऐसे में बैंकों का निजीकरण राष्ट्रहित में नहीं है। औद्योगिक घरानों को भी कर्ज देकर बड़े-बड़े कारखाने स्थापित कराने और लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराने में मदद की। बिहार में दो दिवसीय हड़ताल पूरी तरह से सफल रहेगी।
सरकारी बैंकों के खाताधारकों के लिए ऑनलाइन बैंकिंग का विकल्प हड़ताल से बेअसर रहेगा। आप ऑनलाइन बैंकिंग के जरिये पैसे ट्रांसफर, बिल पेमेंट, खरीदारी के लिए भुगतान, चेक बुक की मांग, डिमांड ड्राफ्ट की मांग, नॉमिनी रजिस्ट्रेशन, लोन के लिए अप्लाई जैसे ज्यादातर काम कर सकते हैं। अलग-अलग बैंक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग सेवाएं देते हैं।