गिरफ्तार अभियुक्तों ने 6 फरवरी को नक्सल प्रभावित भीतिया गांव में पुलिया निर्माण कर रही निर्माण कंपनी के मजदूरों, ऑपरेटर और गार्ड की मोबाइल छीनकर उन्हें हथियार के बल पर धमकाते हुए लेवी की मांग की थी।
एसपी डॉ. एहतेशाम वकारीब ने बताया कि वारदात को अंजाम देने में निर्माण कंपनी के गार्ड योगेंद्र भुइयां ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। कंपनी ने उसे गार्ड की नौकरी से निकाला तो उसने बदला लेने के लिए यह साजिश रची।
अपराधियों का मकसद यह था कि नक्सलियों के नाम पर निर्माण कंपनी को धमकाते हुए उनसे लेवी वसूला जाए। मामले में लेवी से पहले ही पुलिस ने गिरोह के नौ अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, तीन अपराधी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
ये हैं आरोपित
विनय भुइयां ग्राम केंदुआ मोड़ हजारीबाग,
कुलेश्वर भुइयां ग्राम लोहरा, हजारीबाग
योगेंद्र भुइंया ग्राम घाटो डाबर कोडरमा
शंकर भुइयां ग्राम भितीया कोडरमा
रामस्वरूप भुइया ग्राम भितीया कोडरमा
सिद्धेश्वर भुइयां ग्राम भितीया कोडरमा
कैलु यादव ग्राम घुघरी गया
देवानंद यादव ग्राम जलही गया
कोडरमा एएसपी डॉ एहतेशाम वकारीब ने बताया कि पकड़े गए लोगों का किसी नक्सली संगठन सांठगांठ नहीं है। हालांकि ये लोग नक्सलियों के नाम पर लेवी वसूलने का कार्य कर रहे थे। अन्य तीन आरोपितों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 6 फरवरी को पुलिया निर्माण स्थल पर रात्रि में उग्रवादी संगठन के नाम पर इन लोगों ने धमकी दी थी और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट भी की थी। ठेकेदार को फोन पर इन अभियुक्तों ने जान से मारने की धमकी भी दी थी।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी मुख्यालय संजीव सिंह की अगुआई में टीम बनाई गई थी। तकनीकी शाखा के मदद से सबसे पहले केंदुआ मोड से विनय भुइयां को गिरफ्तार किया गया और उसके निशानदेही पर हथियार की बरामदगी की गई और अन्य को गिरफ्तार किया गया।
