वे पिछले करीब दो वर्षों से पंडौल में पदस्थापित हैं। गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें पूछताछ के लिए पटना स्थित निगरानी थाना ले गयी है। बुधवार को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी कोर्ट में पेश करेगी। जेई के खिलाफ प्रखंड के सरिसबपाही पश्चिमी मुखिया रामबहादुर चौधरी ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
निगरानी विभाग के डीएसपी ने बताया कि पंडौल मनरेगा जेई दिनेश कांत ठाकुर पंडौल प्रखंड के सरिसब पाही पश्चिमी पंचायत के मुखिया राम बहादुर चौधरी से लगातार रुपये की मांग कर रहा था।
इसकी सूचना मुखिया ने निगरानी विभाग को दे दी। तब निगरानी विभाग ने मधुबनी पहुंच योजना बनाते हुए मंगलवार को साढ़े चार बजे शाम में रिश्वत के 55 हजार रुपयों के साथ जेई को रंगेहाथ दबोच लिया।
सरिसब पाही पश्चिमी पंचायत के मुखिया राम बहादुर चौधरी ने बताया कि रिश्वत नहीं दिए जाने की वजह से लंबे समय से जेई उनकी पंचायत का काम नहीं कर रहा था। अंतत: इसकी शिकायत निगरानी में की गई।
निगरानी टीम में इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार जयसवाल, एएसआइ आसिफ इकबाल मेहंदी, संजय कुमार चतुर्वेदी, सत्यापनकर्ता सह निगरानी विभाग के अवर पुलिस निरीक्षक आशीष कुमार, शशिकांत व गणेश कुमार शामिल थे।
मधुबनी पहुंच निगरानी की टीम ने मुखिया रामबहादुर चौधरी को रिश्वत में देने के लिए नकद 55 हजार रुपये देते हुए जेई के बताए गए स्थान पर जाने को कहा। जेई के कहने पर मुखिया उसके कोतवाली चौक स्थित मकान पर पहुंचे।
मुखिया ने जेई को उक्त रुपये दिए। कुछ ही देर में निगरानी की टीम वहां पहुंची और रुपयों के साथ जेई टीम के हत्थे चढ़ गया। निगरानी की टीम जेई को को गिरफ्तार कर नगर थाना पुलिस को सूचना देते हुए उसे लेकर पटना के लिए रवाना हो गई।
