2021/02/15

बिहार : बेखौफ अपराधियों का तांडव....ठेकेदार की गोली मारकर हत्या ....कार में मिली लाश

KATIHAR : बिहार के कटिहार जिले में रविवार को अपराधियों ने अररिया के ठेकेदार की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना जिले के कुर्सेला थानाक्षेत्र के एनएच-31 स्थित कबीर आश्रम के समीप की है. मिली जानकारी अनुसार अररिया के ठेकेदार अभिषेक आनंद(चंदन) की डस्टर कार के अंदर ही अज्ञात अपराधियों ने कई गोली मारकर हत्या की है. 

घटना की सूचना पर एसपी विकास कुमार, एसडीपीओ अमरकांत झा दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर आसपास के लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की। 

मौके पर पहुंचे पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि कार की अगली सीट पर मृतक बैठा हुआ था। कार का चालक फरार है। कार की सीट और पीछे की सीट वाला गेट खुला हुआ था। मृतक के पास का गेट बंद था। कार के सामने वाले शीशा में गोली मारने का छेद पाया गया है। मृतक के शरीर में सिर, कंधा और पीठ पर तीन गोलियां लगने के निशान मिले हैं। कार के अंदर मिले मृतक के मोबाइल से कॉल डिटेल्स को निकाला जा रहा है। 

मृतक की पहचान घटनास्थल से गुजर रहे पूर्णिया के एक ठेकेदार ने अररिया जिले के सदर थाना क्षेत्र के मेन बाजार अस्पताल रोड निवासी विंदेश्वरी गुप्ता के पुत्र चंदन अभिषेक उर्फ मुन्ना के रूप में की है। बताया जाता है कि मृतक दहेज मामले में जेल भी जा चुका था। एसपी ने बताया कि पहली नजर में लग रहा है कि कार में बैठे बदमाशों ने ठेकेदार की हत्या की है।

पुलिस की मानें तो मृतक ठेकेदार अपनी पत्नी की हत्या कांड में भी आरोपित है. पुलिस का मानना है कि गाड़ी में जो सवार थे, उन लोगों द्वारा यह घटना की जा सकती है. इधर, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के बाद गाड़ी से दो आदमी भागे हैं. फिलहाल सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है. वहीं, हाइवे और टोल प्लाजा पर लगे वैसे सभी सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है, जिसके फुटेज से अपराधियों की पहचान की जा सकती है.

चार साल में बिखरा चंदन का परिवार

अररिया के रहने वाले चंदन की पत्नी शालू की लाश वर्ष 2017 के 3 अप्रैल की रात उसके बेडरूम में ही मिली थी। उसके सिर पर भारी चीज से मारकर हत्या की गई थी। मृतका के मायके वालों ने उसके इंश्योरेंस की राशि हड़पने को हत्या की वजह बताते हुए पति चंदन अभिषेक, भाई अमित, मां शीला देवी के खिलाफ नगर थाने में केस कराया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंदन और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया। 

कुछ दिनों के बाद मां तो जेल से निकल गई, लेकिन चंदन अभिषेक को तीन साल से अधिक समय तक रहना पड़ा। वह बीते वर्ष 2020 के अक्टूबर माह में ही जेल से बाहर आया था। जेल जाने से पूर्व ठेकेदारी के काम के साथ राइस मिल भी चलाता था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से अपने कारोबार को खड़ा करने के लिए आपाधापी कर रहा था। चंदन के जानने वालों की मानें तो उसे पत्नी के इंश्योरेंस के रुपए मिल गए थे। उसके दो बच्चे हैं जो अब अपने ननिहाल में रहते हैं।