इंस्पेक्टर ने बताया कि एक महिला की प्रोफेसर से फोन पर बात होती थी। महिला ने उन्हें झांसे में लेकर 15 फरवरी को लखनऊ बुलाया था। इसके बाद उनके कपड़े उतारकर वीडियो बनाए गए थे। साथ ही ब्लैकमेल करते हुए आरोपितों ने उनसे 11 हजार रुपये भी छीन लिए थे।
आरोपितों ने प्रोफेसर को बंधक बनाकर मारपीट की और लूट की घटना को अंजाम दिया था। इतना ही नहीं, उनका एटीएम कार्ड भी आरोपितों ने छीन लिया था। पीडि़त ने पीजीआइ थाने में शिकायत दी। इसके बाद क्राइम टीम को घटना के राजफाश के लिए लगाया गया। शुक्रवार को छानबीन के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दो संदिग्धों को पकड़ा।
पूछताछ में आरोपितों ने खुद को शार्प मीडिया का पत्रकार बताते हुए पुलिसकॢमयों को रौब में लेने की कोशिश की। यही नहीं, फर्जी आइकार्ड भी दिखाने लगे। एक आरोपित के पास से अलग-अलग पते के तीन आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं। आरोपित पीडि़त प्रोफेसर को फोन कर बुलाने वाले थे, ताकि उनके एटीएम कार्ड से रुपये निकलवा सकें। आरोपितों ने बताया कि वह प्रोफेसर को उनका वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे थे।
10 लाख रुपये की मांग की
प्रोफेसर ने पुलिस को बताया कि आरोपित विडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे और 10 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने का वादा करने पर आरोपितों ने उन्हें छोड़ा और किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके पास रुपये की मांग के लिए अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगी। इस पर पीड़ित ने पीजीआई थाने में शिकायत की।


