इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए लॉज मालिक और साथियों ने सुनील को मायागंज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिर सुनील के परिजनों को सूचना दी गई। हालांकि देर शाम तक सुनील के परिजन मायागंज अस्पताल नहीं पहुंच सके थे। परवती से सुनील के घर की दूरी करीब 45 किमी है।
डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद लॉज मालिक सुरेश मंडल ने विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर सुनील के साथियों से पूछताछ की है।
साथियों ने पुलिस को बताया है कि सुनील जब पंखे से लटका था तब उसके कानों में इयरफोन लगा हुआ है। शायद वह किसी से बात कर रहा था। इसी बीच उसने यह कदम उठाया। पूछताछ के आधार पर पुलिस भी घटना के कारणों का पता लगा रही है।
रोज शाम 7 बजे बाजार जाता था सुनील
लॉज में पढ़ने वाले प्रवीण कुमार ने बताया कि सुनील रोज शाम 5 बजे के बाद अपने रुम में सो जाता था। फिर 7 बजे उठने के बाद वह बाजार जाता। रात में खाने-पीने के बाद पढ़ाई करता था। शुक्रवार की शाम भी वह हमेशा की तरह 5 बजे के बाद अपने कमरे में ही था।
2 घंटे के बाद जब उसके दोस्तों ने जगाने की कोशिश की तब अंदर से कोई जवाब नही मिला। इसके बाद ही उसके साथियों ने लॉज मालिक सुरेश मंडल को बुलाया और बिना पुलिस को सूचना दिए दरवाजा तोड़ दिया।