2021/02/16

6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज, SI समेत 5 लोग फरार

DESK : फाइनेंशियल कंपनी के कर्मचारियों का अपहरण कर 7 लाख रुपये रिश्वत मांगने का पर्दाफाश करते हुए नोएडा की फेस-3 कोतवाली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के साइबर क्राइम थाना  तैनात एक पुलिस कांस्टेबल व एक होटल के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। वहीं एक उपनिरीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा हरीश चंदर ने बताया कि एक निजी कंपनी के माजू चौहान ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 10 फरवरी को गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम थाने के कुछ पुलिसकर्मी कंपनी के तीन कर्मचारी वसीम, सुहैल, व परवेज को पकड़कर अपने साथ ले गए थे। जिन्हें छोड़ने के एवज में 7 लाख रुपये मांगे गए थे।

 बाद में 5 लाख रुपये में समझौता हुआ। पुलिसकर्मियों ने 2 लाख रुपये लेकर तीनों कर्मचारियों को छोड़ दिया, लेकिन बाद में आरोपितों की ओर से 3 लाख देने का दबाव बनाया जा रहा था। रुपये नहीं देने पर धमकी दी जा रही थी। 14 फरवरी को आरोपितों ने माजू चौहान को सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के पास पैसा लेने के लिए बुलाया था।

आरोपित माजू से रुपये लेने के लिए उसे इधर-उधर घुमाते रहे। परेशान होकर माजू चौहान ने सेक्टर-12-22 पुलिस चौकी पहुंच मामले की शिकायत की थी। पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर गाजियाबाद निवासी सोनू को गिरफ्तार किया। आरोपित नोएडा में एक होटल में मैनेजर है। उसकी निशानदेही पर साइबर क्राइम थाने में तैनात कांस्टेबल नितिन चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। सोनू कांस्टेबल नितिन का मित्र है। आरोपित पुलिसकर्मियों के लिए काम करता था।

साइबर क्राइम थाने में तैनात उपनिरीक्षक चेतन प्रकाश, कांस्टेबल सुमित पावला, कांस्टेबल सुमित शर्मा, कांस्टेबल अतुल नागर व कांस्टेबल सुमित मंडार ने कंपनी से तीनों कर्मचारियों का अपहरण करके छोड़ने के एवज में 2 लाख रुपये वसूले थे।

आरोपित पुलिसकर्मियों ने बिना केस दर्ज किए व वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराए ही कंपनी में छापेमारी की। साथ ही कंपनी के तीन कर्मचारियों का अपहरण करके उन्हें चार से पांच घंटे तक अपने वाहन में इधर-उधर घुमाते रहे। इसके चलते सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।