SAMASTIPUR : समस्तीपुर रेल मंडल में अलग-अलग महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए इस बार 1620 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है। रेल मंडल अंतर्गत मिथिलांचल, सीमांचल और कोसी की दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को इस बार की बजट में मात्र एक-एक हजार राशि दी गई है। ऐसा लग रहा कि मामूली राशि देकर परियोजनाओं को मात्र जीवंत रखने की कोशिश की गई है।
सहरसा-मधेपुरा यार्ड के बीच समपार संख्या 90 के स्थान पर बनने वाले आरओबी निर्माण के लिए बजट में मात्र दस हजार राशि मिली है। वहीं सहरसा-बैजनाथपुर के बीच समपार संख्या 104 पर आरओबी निर्माण के लिए महज एक लाख राशि का प्रावधान किया गया है। इतनी कम राशि के प्रावधान से निर्माण अटका रह जाएगा।
समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण लाइन के लिए मिला 45 करोड़
38 किलोमीटर दूरी में समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण लाइन के लिए 45 करोड़ और दरभंगा-शीशो हॉल्ट व काकरघाटी को जोड़ते हुए दरभंगा में बायपास लाइन के लिए 100 करोड़ राशि का इस बार के बजट में प्रावधान किया गया है। मधेपुरा रेल इंजन विद्युत कारखाना के लिए दो करोड़ और मधेपुरा, दरभंगा सहित चार जगहों पर पानी टंकी निर्माण के लिए दो करोड़ राशि मिली है। मुंगेर गंगा नदी पर रेल सह सड़क पुल निर्माण ले 95 करोड़ और सकरी-हसनपुर(79 किमी) नई रेललाइन के लिए पांच करोड़ राशि मिली है। जयनगर-दरभंगा-नरकटियागंज (268 किमी) रेललाइन लिए 25 करोड़ राशि मिली है। जयनगर-नेपाल लाइन के लिए 800 करोड़
जयनगर-विजलपुरा और विजलपुरा-बारदीवास नेपाल के बीच विस्तार सहित 69.08 किलोमीटर ब्रॉडगेज निर्माण के लिए आम बजट में इस साल 880 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पूरा होने से रेल मंडल का मिथिलांचल क्षेत्र पड़ोसी देश नेपाल से जुड़ जाएगा। व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह महत्वपूर्ण रेलमार्ग हो जाएगा।