2021/02/26

समस्तीपुर में 11 महीने बाद 01 मार्च से शुरू हो सकती है 11 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन...ट्रेनें चलाने की तैयारी शुरू

SAMASTIPUR : दैनिक रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। करीब 11 महीने बाद एक मार्च से 11 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू होगी। यानी 11 अप व 11 डाउन साइड की ट्रेनें चलेगी। रेलवे मुख्यालय से पत्र मिलने के बाद मंडल प्रशासन ने ट्रेनें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। 

ट्रेन सेवा शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी। ट्रेन परिचालन के साथ ही सभी यूटीएस टिकट काउंटर भी खोले जाएंगे। हालांकि सवारी ट्रेन से सफर महंगा होगा। लोगों से किराया मेल एक्सप्रेस का वसूल किया जाएगा।

यानी जिस स्टेशन के लिए पहले 10 रुपए किराया लगता था वह अब बढ़ कर 30-40 रुपए हो जाएगा। उधर, समस्तीपुर रेलवे मंडल का मुख्यालय हाेने के बावजूद यहां से समस्तीपुर-सहरसा सवारी गाड़ी के अलावा अन्य रूटों के लिए ट्रेन नहीं दी गई है जिससे स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पाएगा। 

किराया मेल एक्सप्रेस का लिए जाने के पीछे रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कोविड के कारण किया जा रहा है। हालांकि अधिकारिक तौर पर कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं।

मार्च से शुरू होने वाली पैसेंजर ट्रेन सेवा के लिए मुख्यालय ने मेल एक्स्रपेस का किराया वसूलने का फैसला लिया है। यानी पूर्व में समस्तीपुर से दरभंगा जाने में सवारी ट्रेन से 15 रुपए किराया लगाता था जबकि अब यात्री को मेल एक्सप्रेस का किराया 45 रुपए देना होगा। समस्तीपुर से सहरसा का पूर्व में किराया 30 रुपए होता था, जबकि अब 80 रुपए देना होगा।


समस्तीपुर रेलवे मंडल का मुख्यालय होने के बावजूद समस्तीपुर स्टेशन से समस्तीपुर- दरभंगा- जयनगर, समस्तीपुर- मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर- बरौनी व समस्तीपुर-सीतामढ़ी रूट पर एक भी पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू नहीं की गई है। जिससे समस्तीपुर से सवारी ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोगों को निराशा हाथ लगी है। यहां के लोगों को अभी भी निजी वाहन से ही सफर करना होगा।

कोरोना के कारण 23 मार्च 2020 को पूरे देश में लॉक डाउन लागू कर दिए जाने के कारण सभी ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया था। गत वर्ष 22 मार्च को अंतिम सवारी गाड़ी समस्तीपुर- सहरसा का परिचालन रात नौ बजे किया गया था। 

इसके बाद से सभी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बंद है। जिससे छोटे स्टेशन से सवार होकर शहर आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

Source-dainik bhasker