PATNA : पटना में पॉलिटेक्निक के स्टूडेंट सुमित कुमार पाठक के अपहरण की बात फर्जी साबित हुई। पिता से रुपए ठगने के लिए सुमित ने खुद के अपहरण की साजिश रची। वो खुद घर से निकला। उसने अपने ही मोबाइल से पिता और भाई के मोबाइल पर मैसेज भेजा और 10 लाख के फिरौती की डिमांड कर दी।
सुमित पुलिस टीम को देखकर भागने लगा था। मगर, उसे पुलिस ने पकड़ लिया। थाना लाकर उससे पूछताछ की गई। तब बताया कि वो अपने पिता से रुपया ऐंठना चाहता था। सोर्स के अनुसार सुमित को नशे की भी लत है। थाना लाये जाने के बाद वो लगातार पानी पी रहा था। उसे बार-बार प्यास लग रही थी।
सुमित सुबह 8:30 बजे के करीब घर से निकला था। इसके बाद 10:30 बजे के करीब पिता के मोबाइल पर खुद ही व्हाट्सएप मैसेज किया। उसने लिखा कि बेटा मेरे कब्जे में है। 10 लाख दो और बेटा ले जाओ। पुलिस के पास मत जाना। अगर गए तो पैसा बच जाएगा, बेटा नहीं बचेगा। उसके पिता ने जब बहुत देर तक मैसेज नहीं देखा तो फिर उसने 20 मिनट बाद अपने भाई को मैसेज किया था। मैसेज के बाद परिवार ने राजीव नगर थाने को जानकारी दी थी।
17 साल का सुमित गोपालगंज के BK NSGP पॉलिटेक्निक कॉलेज में थर्ड सेमेस्टर का स्टूडेंट है। वहां कॉलेज के हॉस्टल में रहता था। लॉकडाउन के वक्त से पटना वाले घर में रह रहा था। जल्द ही सेमेस्टर एग्जाम शुरू होने वाला था तो वह वापस गोपालगंज जाने वाला भी था। सुमित के पिता संतोष कुमार पाठक दरभंगा के मूल निवासी हैं। पटना में राजीव नगर के रोड नम्बर 18 के पांडेय पथ में घर है। संतोष पाठक SP सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं।