SAMASTIPUR : जिले के विभूतिपुर प्रखंड में स्वच्छा ग्रही बहाली में काफी अनियमितता और मनमानी की जा रही है। आवेदन रिसीवकर्ता के द्वारा आवेदन का रिसिविंग नहीं दिया गया है। जिसको लेकर आवेदनकर्ता और कर्मी के साथ प्रतिदिन नोंक झोंक हो रही है।आवेदन रिसीवकर्ता विकास कुमार के द्वारा आवेदनकर्ता को स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि पहले आओ - पहले पाओ के हिसाब से बहाली कर दी गई है।
जबकि विभाग के द्वारा जारी आदेश में सभी मापदंड के अनुसार बहाली करना है। जिसमें कर्मी के द्वारा सभी नियमों को ताखे पर रखी जा रही है। वहीं पदाधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जिसका नतीजा है कि विरोध होना शुरू हो गया है।
इसी को लेकर खोकसाहा निवासी परमानंद कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर कहा है कि मेरी पत्नी कुमारी गुड़िया ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्वच्छा ग्रही के लिए निकली निविदा के आलोक में आवेदन की थी। जिसमें प्रथम बैठक में भी भाग लेने के लिए भी बुलाया गया था।
मेरे पंचायत से मात्र एक महिला आवेदन किया था। जिसमें मैं शामिल भी हुई थी। इस अभियान के तहत सुरक्षा ग्राही के पद पर महिला को प्राथमिकता देने के बजाय दूसरे लोगों को बहाली किया गया है। उन्होंने आवेदन देकर पदाधिकारी से मांग किया है कि स्वच्छ एवं निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी कर्मी के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए महिला को आरक्षण के तहत स्वच्छाग्रही में बहाल करने किया जाय।
वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट