SAMASTIPUR : जिले के सीपीआईएम के द्वारा शहीद पत्रकार बृजकिशोर ब्रजेश के चौथी शहादत दिवस के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन विभूतिपुर विधानसभा अंतर्गत किया गया।
इस श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित करके की गई। वहीं एक सभा हुई जिस सभा को जिला सचिव कॉ. रामाश्रय महतो,जिला सचिव मंडल सदस्य कॉ. सत्यनारायण सिंह,जिला सचिव मंडल सदस्य कॉ.महेश कुमार,जिला कमिटी सदस्य कॉ.विश्वनाथ महतो,कॉ. राजगीर यादव,सिया प्रसाद यादव,डी.वाई.एफ.आई के ललन सिंह,एस.एफ.आई. के वर्तमान जिला अध्यक्ष अवनीश कुमार, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघ के नेता सुरेंद्र चौधरी सहित कई लोगों ने संबोधित किया।
वहीं सभा को संबोधित करते हुए सी.पी.आई.एम.बिहार राज्य सचिव सह विभूतिपुर विधानसभा के विधायक कॉ.अजय कुमार ने शहीद पत्रकार बृजेश कुमार ब्रजेश को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आज से चार साल पहले लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले शहीद पत्रकार शहीद बृजेश कुमार ब्रजेश की हत्या अपराधियों द्वारा की गई। बेलगाम पुलिस ने अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया और कोई कार्रवाई नहीं किया। जो जग जाहिर है। किसी भी क्षेत्र का विधायक,सांसद या मंत्री अपराधिक घटनाओं में खुद शामिल होंगे तो वहां अपराध नहीं रुक सकता है।
आज अपराधियों के श्रेणी में बिहार के कई दिग्गज नेता भी शामिल हैं।जो जेल के अंदर बंद है।लेकिन नीतीश कुमार की सरकार ने शहीद पत्रकार बृजेश कुमार ब्रजेश के हत्यारे को अब तक न्याय नहीं दे पाई है।यह हमारे समाज और बिहार सरकार के लिए काफी कलंक है। वहीं आज पूरे बिहार में शराबबंदी के बाद भी खुलेआम शराब मिल रही है।लेकिन बिहार की निकम्मी सरकार ने इसे रोकने में विफल है।
वहीं विधायक अजय कुमार ने किसान आंदोलन के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि आज केंद्र और बिहार सरकार दोनों मिलकर के किसानों को गला घोटने का काम कर रही है।किसानों को पूंजीपत्त्तीयों के अधीन करने की कोशिश कर रही है।यह भी किसानों के लिए चुनौती है। इसके लिए किसानों को संघर्ष के लिए आगे आना होगा। जब कोई रास्ता नहीं हो तो संघर्ष व आंदोलन रास्ता बचता है।
आंदोलन के माध्यम से ही केंद्र में बैठी यह बहरी सरकार हम किसानों का बात सुन सकती है। मौके पर पवन सिंह,नटवर कुमार,सुरेंद्र कुमार,दिनेश पासवान,अवधेश कुमार मिश्र,धन्नू दास,प्रदीप कुमार,शशि कुमार,राजद नेता मुकेश कुमार सहित सैकड़ों छात्र-नौजवान,किसान-मजदूर एवं महिलाएं शामिल थी।
वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट