PATNA : चार जनवरी से हाईस्कूल-कॉलेज खुलने के बाद बच्चों और शिक्षकों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। अब हाईस्कूल सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों, कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की कोरोना की रैंडम जांच कराई जाएगी। खास कर जहां कोरोना के केस मिल रहे हैं, उसके आसपास के शिक्षण संस्थानों की जांच होगी।
मुंगेर के स्कूल में 25 बच्चों व गया के स्कूल में हेडमास्टर के संक्रमित मिलने के बाद विभाग ने रैंडम जांच का निर्णय लिया। स्कूल में एक भी संक्रमित मिलने पर उसे तत्काल बंद करने का प्रावधान किया है। कोरोना जांच कराने के लिए शुक्रवार को शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को पत्र भेजा है।
50% छात्रों को ही आना है स्कूल
मालूम हो, कोरोना के कारण बंद हाईस्कूलों को 10 माह बाद खोला गया है। कक्षा 9 से 12 कक्षा की पढ़ाई के लिए रोज 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही स्कूल आना है।
खुलने से पहले स्कूलों को भेजी गई थी गाइडलाइन
शिक्षा विभाग ने अनुरोध किया है कि स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश देकर संबंधित शिक्षण संस्थानों में जांच कराई जाए। शिक्षा विभाग ने स्कूल खुलने से पहले इसके संचालन के लिए जररूरी गाइडलाइन भी भेजी थी। शोध व प्रशिक्षण निदेशक विनोदानंद झा बताया कि शिक्षा विभाग स्वास्थ्य विभाग के साथ मिल कर बच्चों और शिक्षकों को कोरोना से बचाने के लिए काम कर रहा है।
कोरोना से बचाव के लिए विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन और प्रोटोकॉल के अनुसार ही स्कूल का संचालन किया जाएगा। मुंगेर व गया के संबंधित स्कूल को तत्काल बंद कर दिया गया है। पूरी स्क्रीनिंग और सेनेटाइजेशन के बाद ही इन स्कूलों को खोला जाएगा।