2021/01/22

कोरोनाकाल में कॉलेज का पहला दिन:मास्क के पीछे मिले पहचाने चेहरे, क्लास के बाद लजीज समोसे की याद दिला रहा धूल-धूसरित कैंटीन

PATNA : ओह... कैंटीन तो बंद है, देखो तो क्या हाल हो गया है इसका, धूल-धूसरित हो गया है। सोचा था कॉलेज जाऊंगी, कैंटीन के समोसे का लुत्फ उठाऊंगी, लेकिन यहां तो सब बंद है। ऐसा कहती सुनी गईं पटना के मगध महिला कॉलेज की BSc की छात्राएं। ये गुरुवार को इंडक्शन मीट के लिए आई थीं। कॉलेज कोरोनाकाल में पहली बार खुला है। सोमवार से क्लासेज भी शुरू हो जाएंगे, लेकिन ऑनलाइन। प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए इंटक्शन मीट आयोजित हुआ था। इसमें शामिल होने के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए गए थे। जैसे, ड्रेस कोड का पालन, मोबाइल फोन लेकर नहीं आना, मास्क लगाकर आना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना। छात्राओं को यह बताया गया कि कोरोना गाइडलाइन का पालन कर अपनी पढ़ाई कैसे जारी रखनी है।

लंबे समय बाद एक-दूसरे से मुलाकात

ओ यह तुम हो... किसी छात्रा के चेहरे से जैसे ही मास्क हटता, सामने वाली की जुबान से यही निकलता। इंडक्शन मीट में पहुंची हर छात्रा के चेहरे पर मास्क था। एक-दूसरे के विषयों और टीचर्स की जानकारी लेती छात्राओं के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। सभी लंबे समय बाद एक-दूसरे से मिल रही थीं। हालांकि यह मुलाकात लंबी नहीं रही, लेकिन जब क्लासेस रेगुलर हो जाएंगी तब मुलाकातें लंबी हो जाएंगी।

कैंटीन के पास प्रेमलता और आरती।
कैंटीन के पास प्रेमलता और आरती।

कॉलेज कैंटीन को मिस कर रहीं छात्राएं
पार्ट थ्री की छात्राओं के फाइनल ईयर की परीक्षाएं जल्द ही होने वाली हैं। यही वजह है कि कॉलेज में फाइनल ईयर की कक्षाएं हो रही हैं। छात्राओं का मास्क लगाकर आना और हाथ सैनिटाइज करते रहना जरूरी है। दो छात्राएं प्रेमलता और आरती कॉलेज कैंटीन के पास मिल गईं। प्रेमलता कहतीं हैं, यहां के समोसे बहुत अच्छे होते थे, लेकिन अब तो यहां बस धूल है। लॉकडाउन के बाद से ही यहां सब बंद है। टीचर्स कहते हैं इससे कोरोना फैलने का खतरा है, लेकिन हमारे लिए तो ये हमारी फेवरेट जगह थी। देखिये यहां बैठने की भी जगह थी, यही हम फ्रेंड्स क्लास के बाद बैठकर गप्पें लड़ाया करती थीं। अब तो इधर आना भी मना है। आरती कहती हैं, हम कैंटीन और पहले वाले दिनों को बहुत मिस कर रही हैं।

गले मिलने से लेकर लंच शेयर,सब बदला

कॉलेज में कुछ लड़कियां एक-दूसरे का लंच शेयर करतीं भी दिखीं। यह पूछने पर कि कोरोना ने इनकी कॉलेज लाइफ में क्या-क्या बदल दिया, एक ने कहा, बहुत कुछ बदल दिया है। पहले हम किसी भी क्लासमेट के साथ लंच शेयर कर लेती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब तो बस उन्हीं के साथ शेयर कर रहे हैं जिन्हें अच्छी तरह जान रहे हैं। यही नहीं, अब गले भी नहीं लगतीं, बस हाय, हैलो कर रही हैं। यह अलग बात है कि दोस्तों के लिए ये सारे नियम मायने नहीं रखते।

अभिलाषा अपने पापा के साथ कॉलेज पहुंची थी।
अभिलाषा अपने पापा के साथ कॉलेज पहुंची थी।

अभिभावक दिख रहे निश्चिंत
इंडक्शन मीट में छात्राओं के साथ कई अभिभावक भी पहुंचे थे। वे ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर काफी निश्चिंत दिखे। बेटी अभिलाषा को लेकर कॉलेज पहुंचे जितेन्द्र कुमार ने कहा कि अब ऑनलाइन क्लासेज को लेकर कहीं कोई परेशानी नहीं है। छोटे बच्चे भी अब यही कर रहे हैं तो कॉलेज में पहुंच चुकी लड़कियों के लिए क्या दिक्कत है। हां, कॉलेज के माहौल को देखना और समझना भी इनके लिए जरूरी है और मुझे लगता है कि सब कुछ जल्द ही नॉर्मल हो जाएगा।

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