PATNA : जन अधिकार पार्टी (लो) ने किसानों के समर्थन में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर राज्य भर में ट्रैक्टर जुलूस निकाला. पटना में जुलूस दोपहर डेढ़ बजे आर्ट्स कॉलेज से शुरू हुई और पुलिस लाइन्स होते हुए गांधी मैदान तक गयी. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर के साथ पहुंचे.
जुलूस के दौरान जाप के प्रदेश अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि इस ट्रैक्टर रैली के माध्यम से किसान कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं. हमारी पार्टी लम्बे समय से कृषि कानूनों का विरोध कर रही है और जब तक ये कानून रद्द नहीं हो जाते हम विरोध करते रहेंगे. आज का जुलूस इस संकल्प के साथ खत्म हुआ कि जब तक किसानों के खिलाफ बना काला कानून वापस नहीं हो जाता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा.
आगे उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है. मंडी सिस्टम में पूंजीपतियों के आ जाने से किसानों का शोषण होगा और उन्हें अपने अनाज का पर्याप्त दाम नहीं मिलेगा.
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए जाप के राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद सिंह ने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ जुम्लेबाजों की सरकार है. एक तरफ तो सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है तो वहीं दूसरी ओर इन कृषि कानूनों के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर की जा रही है. हमारी मांग है कि इस काले कानून को रद्द किया जाए.
ट्रैक्टर मार्च का समापन गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के पास हुआ. राजधानी पटना के अलावा राज्य के हर जिले में पार्टी के जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में ट्रैक्टर रैली निकाली गयी.
इस ट्रैक्टर जुलूस के दौरान राजेश रंजन पप्पू, राजू दानवीर, भाई दिनेश, रानी चौबे, सच्चिदानंद राय, भाई वीरेन्द्र, अरूण कुमार, चाँद परवेज़, मनीष यादव, आजाद चाँद, गौतम आनंद, सन्नी यादव, नीतीश सिंह, शशांक मोनू समेत पार्टी के तमाम नेता मौजूद थें.
समस्तीपुर जिले में ट्रैक्टर मार्च निकाला- मार्च शहर के धर्मपुर उच्च विद्यालय के समीप से निकाला गया। इस दौरान एक सभा आयोजित हुई। अध्यक्षीय संबोधन में जिलाध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि किसान विरोधी सरकार के खिलाफ ट्रैक्टर मार्च निकाली गई है। कहा कि यदि देश में कहीं किसानों की सबसे ज्यादा बुरी स्थिति है तो वह बिहार में है। यहां के 40 फीसदी किसान बिना जमीन के हैं। अधिकतर किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। ये लड़ाई जो किसानों ने शुरू की है, उसे पूरे देश की जनता का समर्थन मिल रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो ट्रैक्टर लेकर सिंघु बॉर्डर भी कूच किया जाएगा।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि बिहार सरकार की गलत नीतियों के कारण यहां के किसान मजदूर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है और सरकार मौन होकर तमाशा देख रही है। बिहार में न तो किसानों के लिए बाजार है, न मंडी है न अनुमंडल स्तर पर गोदामों की व्यवस्था की गई है। किसानों को अपने उत्पादन की कीमत खुद निर्धारित करने का अधिकार सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पैक्स में बिचौलियों के द्वारा ही धान की खरीद की जाती है जो बिहार सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि काले कृषि कानून किसानों के लिए अभिशाप है। यहां फसल क्षति की भरपाई किसानों को नहीं मिलकर भू स्वामियों को मिलता है।