2021/01/25

नदी में हादसा:गंभीर नदी में कार पलटने से लापता अविनाश को तलाशने के लिए इंदौर से गोताखोर बुलाए गए, थोड़ी देर में शुरू होगा तलाशी अभियान

DESK : उज्जैन के गंभीर नदी में रविवार को हुए हादसे में लापता अविनाश तिवारी का 24 घंटे बाद भी पता नहीं चल पाया है। उसे तलाशने के लिए इंदौर के गोताखोरों को बुलाया गया है। सोमवार आठ बजे के बाद एक बार फिर उज्जैन और इंदौर के गोताखोर पानी में उतरेंगे।

रेलिंग तोड़ते हुए कार गंभीर नदी में गिरी, प्रियंका और अनुराग का शव कार में मिला

गौरतलब है कि बिहार के सीवान जिले के सिरसिया गांव निवासी अविनाश तिवारी अपनी पत्नी प्रियंका और छोटे भाई अनुराग के साथ बड़ोदरा गुजरात में रहने वाले बड़े भाई अभय तिवारी से मिलने के लिए कार से निकले थे। कानपुर स्थित ससुराल में दो दिन बिताने के बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे तीनों कार से निकले। कार को बारी-बारी से अनुराग और अविनाश चलाते रहे। शनिवार की रात करीब 10.30 बजे अभय की अविनाश से बात हुई। उसने बताया कि वह उज्जैन के करीब है। अभय ने कहा कि रात हो गई है। उज्जैन में ही रात बिताकर सुबह बाबा महाकाल के दर्शन करके निकलना। उसके बाद दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई। रविवार सुबह पांच बजे जब अभय ने अविनाश को फोन लगाया तो उसका फोन बंद था। अभय ने प्रियंका और अनुराग को फोन लगाया लेकिन बात नहीं हो सकी। तीनों के फोन एक साथ बंद होने से अभय का माथा ठनका। उनके साथ किसी अनहोनी की आशंका से परेशान अभय ने अपने साले उड़ीसा में कटक डीआईजी अमित कुमार सिन्हा को फोन पर जानकारी दी। उन्होंने इंदौर में डीआईजी रहे संतोष कुमार सिंह को बताया। पुलिस को तीनों की आखिरी मोबाइल फोन लोकेशन उज्जैन के गंभीर नदी के आसपास मिली।

हादसे में मृत अनुराग तिवारी (फाइल फोटो)
हादसे में मृत अनुराग तिवारी (फाइल फोटो)

इधर, गंभीर नदी में किसी गाड़ी के गिरने की खबर पर उज्जैन एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल मौके पर गए थे। वहीं पर डीआईजी संतोष सिंह का फोन एसपी शुक्ल के पास आया। संतोष सिंह ने बताया कि तीनों हुंडई की कार से निकले थे। नदी के पुल पर हुंडई कार के कुछ टूटे हुए टुकड़े मिलने से यह आशंका हुई कि जिनके बारे में डीआईजी संतोष सिंह बता रहे हैं कही उनकी कार तो नदी में नहीं गिरी है। उसके बाद एसपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। गोताखोर उतारे गए। कार का पता लगाने के लिए क्रेन मंगवाई गई। रविवार सुबह 10 बजे तलाशी अभियान शुरू हुआ। दोपहर करीब सवा एक बजे कार को पानी से निकाला गया। कार में प्रियंका और अनुराग के शव मिले। अविनाश लापता था।

रात डेढ़ बजे प्रियंका के पैरेंट्स कानपुर से उज्जैन पहुंचे

इधर, रात करीब डेढ़ बजे प्रियंका के माता-पिता कानपुर से उज्जैन पहुंचे। वह सीधे पुलिस आफिसर्स मेस में ठहरे अभय से मिले। कानपुर से निकलने के बाद से ही लगातार वह अभय के संपर्क में थे। अभय ने उन्हें बेटी प्रियंका और अनुराग की मौत होने और दामाद अविनाश के बारे में कुछ नहीं बताया था। रास्ते से जब भी फोन करते अभय यही बताता कि तीनों आईसीयू में हैं। उनकी हालत क्रिटिकल है। कुछ कहा नहीं जा सकता है। उज्जैन पहुंचने के बाद भी उन्हें यही बताया गया कि तीनों का इलाज चल रहा है।