2021/01/29

स्वास्थ्य विभाग में डाटा ऑपरेटर के पद पर बहाली का झांसा दे 21 युवकों से ठग ली गई 6 लाख 78 हजार नकद

SAHARSA : बेरोजगार 21 युवकों से ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के प्रबंधक और मधेपुरा निवासी बिट्टू कुमार द्वारा कुल 6 लाख 78 हजार रुपए की ठगी का मामला शुक्रवार को सामने आया। ठगी का नेटवर्क बिहार से लेकर यूपी तक फैला हुआ है। 

ठगी का क्या है तरीका

उक्त नेटवर्क में पहले अखबारों में ग्लेज इंडिया कंपनी के नाम पर विज्ञापन प्रकाशित की जाती है। इसमें सेमी व सरकारी विभाग में नौकरी दिए जाने के नाम पर युवकों को पहले ऑनलाइन अप्लाई करवाई जाती है। जिसके बाद उनकी काउंसलिंग की जाती है। काउंसलिंग के बाद उन्हें 45 दिनों की ट्रेनिंग भी दी जाती है। इस दौरान युवकों से 25 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक की ठगी कर ली जाती है। जिसके बाद उन्हें कुछ फर्जी कंपनी के दवा को बाजार में बेचबाने का काम लिया जाता है।

कैसे हुआ भंडाफोड़

ग्लेज इंडिया कंपनी लि ने उक्त प्रकिया के बाद बिहार और यूपी के लगभग 200 युवकों को 45 दिन की ट्रेनिंग भी दिया। उनसे 25 हजार रुपए से डेढ़ लाख रुपए भी ले लिए। लेकिन ट्रेनिंग के 45 दिन बीतने के बाद उन्हें कोई नौकरी नहीं दी गई। साथ ही ना तो उन्हें ट्रेनिंग के दौरान कंपनी द्वारा कही गई 15 हजार रुपए प्रतिमाह की सैलरी ही दी गई। उन्हें हेल्थ डिपार्टमेंट में डाटा ऑपरेटर की नौकरी भी नहीं दिया गया। जिसके बाद पीड़ित युवकों द्वारा जमकर बवाल मचाया गया। 

प्रबंधन को बनाया बंधक
ऐसे में युवकों ने ग्लेज इंडिया के स्थानीय प्रबंधक एवं मधेपुरा निवासी बिट्टू कुमार को घेरा। उन्हें बंधक बना कर रुपए वापसी करने का दवाब दिया गया। युवकों के विरोध के बाद प्रबंधक द्वारा रुपए वापस करने की हुई समझौते के बाद उन्हें छोड़ा गया।  

यूपी तक फैला है जाल

ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चंगुल में बिहार के ही नहीं बल्कि यूपी के भी युवक बुरी तरह फंसे हुए हैं। उत्तर प्रदेश के बनारस के रहने वाले योगेंद्र उपाध्याय को सेमी गवर्नमेंट के हेल्थ डिपार्टमेंट में डाटा ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर 25 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। वही उनके अन्य मित्र से भी 25 हजार रुपए से लेकर 35 हजार रुपए तक की ठगी की गई है।

 जबकि बिहार के गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धीवर गांव निवासी कुलदीप कुमार से 20 हजार, शेखपुरा जिले के बरबीघा गांव निवासी अंकित कुमार से 69 हजार 500 रुपए, नवादा जिले के बड़बीघा गांव निवासी पंकज कुमार से 30 हजार, नवादा जिले के ही अब्दालपुर गांव निवासी पंकज कुमार से 30 हजार, नवादा के ही गोंडापुर गांव निवासी ऋषि राज से 18 हजार, गौरव कुमार एवं विक्की कुमार से डेढ़ लाख रुपए जबकि नालंदा के सिलाव गांव निवासी संदीप कुमार से 55 हजार रुपए की ठगी कर ली गई है। 

क्या कहते है पीड़ित

पीड़ित योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कई नामी अखबार में ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। जिसमें सेमी गवर्नमेंट में ट्रेनिंग के दौरान 15 हजार रुपए वेतन दिए जाने और ट्रेनिंग के बाद 22 हजार रुपए की सैलरी दिए जाने की बातें कह कर विज्ञापन प्रकाशित हुई थी। उक्त विज्ञापन के झांसे में आकर उन्होंने ऑनलाइन अप्लाई किया। जिसके बाद प्रबंधक बिट्टू कुमार लगातार उनके संपर्क में रहे। पहले उन्हें काउंसलिंग के लिए सहरसा बुलवाया गया। काउंसिलिंग के बाद उनसे पैसे लिए गए। फिर उन्हें 45 दिन की ट्रेनिंग के लिए सहरसा में ही रखा गया।

 इस दौरान कंपनी ने वादा किया था कि ट्रेनिंग के दौरान 15 हजार रुपए मासिक और ट्रेनिंग के बाद 22 हजार रुपए की नौकरी हेल्थ डिपार्टमेंट में डाटा ऑपरेटर के पद की दी जाएगी। लेकिन दो महीने से अधिक का समय गुजर गया है। उन्हें ना तो ट्रेनिंग के दौरान दी जाने वाली वेतन ही दी गई और ना ही ट्रेनिंग खत्म होने के बाद नौकरी। अब उन्हें खाने के लिए भी पैसे नहीं है।

क्या कहते हैं प्रबंधक

ग्लेज इंडिया के प्रबंधक बिटटू कुमार ने बताया कि बिजनेस के नाम पर रुपए लिए गए है, नौकरी के नाम पर नहीं। उनपर लगे आरोप को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं हुई है। अगर इनलोगों को बिजनेस करना पसंद नहीं है तो सभी से लिए गए रुपए वापस कर दिए जाएंगे।

रिपोर्ट-रितेश हन्नी@सहरसा