PATNA : जन अधिकार पार्टी (लो) सुप्रीमो पप्पू यादव पर जिला प्रशासन ने शुक्रवार मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा उन पर गांधी मैदान में बगैर अनुमति के धरना पर बैठने के आरोप में किया गया है। मजिस्ट्रेट ने गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि गांधी मैदान सुबह में मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए खोला जाता है, इसी बीच पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ गांधी मूर्ति के पास धरने पर बैठ गए। वे दिल्ली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज और किसान बिल को वापस लेने की मांग पर धरना पर बैठे हुए थे। बाद में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल ने वहां पहुंचकर उन्हें हटाया।
इससे पहले, उपवास पर बैठे पप्पू यादव ने कहा कि किसान आंदोलन को आम लोगों का भी भरपूर साथ मिल रहा है। हम मजबूती से किसानों के साथ खड़े हैं। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि सरकार किसानों को परेशान करना बंद करे। उन पर किसी भी प्रकार का अत्याचार हमें बर्दाश्त नहीं है। अगर किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया और कृषि कानून रद्द नहीं हुए तो हम अपनी लड़ाई और तेज करेंगे।
पप्पू यादव ने आगे कहा कि अंग्रेजी शासनकाल के दौरान हमारे देश के महापुरुषों ने लड़ाई लड़ी थी और अंग्रेजों को पीछे हटना पड़ा था। आज की सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा क्रूर है। नफरत, घृणा, ईर्ष्या और क्रोध से भरा शासक कभी जनता की भलाई नहीं कर सकता। पप्पू यादव ने कहा कि आंदोलन के दौरान अभी तक 133 किसानों की मृत्यु हो चुकी है। दो महीने से ज्यादा समय तक किसान ठंड में बैठे रहे तब सरकार को चिंता नहीं हुई। फिर बाद में एक सोची समझी साजिश के तहत ट्रैक्टर रैली के लिए हरी झंडी दी गई और अब उसका फायदा उठाकर किसानों के आंदोलन को खत्म किया जा रहा है।
26 जनवरी को हुई घटना पर बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि ट्रैक्टर रैली के दौरान आईटीओ गोलम्बर पर दस हजार किसान अचानक कहां से आ गए? वो खुद आए या किसी द्वारा लाए गए? पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। मैं इन सभी की न्यायिक जांच की मांग करता हूं। इस दौरान पप्पू यादव ने गांधी मैदान में युवाओं से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।