2021/01/25

बिहार बोर्ड मैट्रिक स्टूडेंट का दो साल बर्बाद,2020 में एडमिट कार्ड आया ही नहीं, इस साल आया तो प्राइवेट बता रहा

PATNA : बिहटा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में मैट्रिक की पढ़ाई करने वाला एक छात्र भटक रहा है। वर्ष 2020 में एडमिट कार्ड ही नहीं आया 2021 में आया तो लेकिन लग गया है। इसका जिम्मेदार कौन है, इस सवाल का जवाब विद्यालय के पास भी नहीं है। छात्र का कहना है कि विद्यालय के कारण उसका दो साल खराब हुआ है और अब कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। प्रखंड शिक्षा अधिकारी को भी शिकायत किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिल पा रहा है।

अब बोर्ड पर थोपा जा रहा मामला

छात्र अंकित कुमार बिहटा के पैनाल में अपनी नानी के घर रहकर पढ़ाई करता है। उच्च माध्यमिक विद्यालय पैनाल में मैट्रिक का रेगुलर छात्र रहा है। वर्ष 2019 में उसने रजिस्ट्रेशन कराया था। वर्ष 2020 में उसे मैट्रिक का एग्जाम देना था, लेकिन उसका एडमिट कार्ड ही नहीं आया। वह काफी परेशान हुआ और विद्यालय से लेकर बोर्ड तक दौड़-धूप की, लेकिन एडमिट कार्ड नहीं मिल पाया। पुराने रजिस्ट्रेशन पर वह दोबारा 2020 में एग्जाम की तैयारी करने की सोच रहा था, लेकिन स्कूल से मना किया गया। विद्यालय से नया रजिस्ट्रेशन कराने को बोला गया। अब इस बार जब एडमिट कार्ड आया तो उसमें एक साल फेल दिखाया जा रहा है। अब उसे रेगुलर स्टेडेंट होने के बाद भी प्राइवेट में बताया जा रहा है। अंकित का कहना है कि वह रेगुलर क्लास किया है इसके बाद भी उसे प्राइवेट दिखाया जा रहा है। प्रिंसपल से बात किया, तो भी वह कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। अब सारी गलती बोर्ड की दी जा रही है।

आखिर क्यों दिया गया प्राइवेट छात्रों वाला एडमिट कार्ड

अंकित का कहना है कि वह रेगुलर पढ़ाई किया और उसे एडमिट कार्ड प्राइवेट का दिया गया है। ऐसे में वह समझ नहीं पा रहा है कि गलती किसकी है। प्रखंड शिक्षा अधिकारी भी इस मामले में कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि साइबर कैफे से रजिस्ट्रेशन में समस्या हो गई है। वह पिछले वर्ष एग्जाम भी नहीं दिया, एडमिट कार्ड नहीं आने के कारण। इसके बाद भी उसे फेल दिखाकर प्राइवेट छात्रों वाला एडमिट कार्ड दिया गया है। छात्र का आरोप है कि स्कूल से ही ऐसा किया गया है।