2021/01/03

बिहार के 13 जिलों में 24 घंटे के अंदर बारिश के आसार, अगले हफ्ते बर्फीली हवा बढ़ाएगी ठिठुरन

PATNA : अगले 24 घंटे में बिहार के 13 जिलों में बूंदाबांदी के साथ ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्णिया, सुपौल सहित 13 जिलों में 24 घंटे के अंदर हल्की बारिश के आसार हैं। इस दौरान उत्तर पश्चिम की तरफ से बढ़ने वाली तेज हवाओं से मौसम सर्द रहेगा, जबकि पटना, गया, नालंदा शेखपुरा सहित 14 जिलों में हवा स्थिर रहने का अनुमान है। बदलते मौसम में डॉक्टरों ने सांस के मरीज के साथ ही बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का पटना में असर
मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इसका असर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से और बिहार में आसमान में बादल छाने की वजह से इसका असर 7 जनवरी के बाद दिखाई देने की संभावना है, जिससे न्यूनतम के साथ अधिकतम तापमान में गिरावट होगी।

रविवार को गया रहा सबसे ठंडा
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को गया सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री रिकार्ड किया गया, वहीं फारबिसगंज सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 26.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पटना में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 9.2 रिकॉर्ड किया गया, जो शनिवार की अपेक्षा तीन डिग्री अधिक रहा। सोमवार को सुबह की शुरुआत कोहरे से होगी। आसमान में बादल छाए रहेंगे। बर्फीली हवा होने की वजह से ठंड का एहसास होगा। सुबह 10 बजे के बाद मौसम सामान्य हो जाएगा। आने वाले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में वृद्धि और अधिकतम में गिरावट होगी।

आसमान में छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार पटना सहित बिहार के सभी हिस्सों में 5 जनवरी तक आसमान में बादल छाये रहेंगे, जिसकी वजह से हवा की रफ्तार सुस्त रहेगी। इससे दिन में अधिकतम तापमान में गिरावट और रात के तापमान में मामूली बढ़त देखने को मिलेगी। असमान में बादल छाये रहने के कारण 6 जनवरी तक कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान पटना गया सहित बिहार के सभी हिस्सों में सुबह 5 से 7 बजे तक तक विजिबिलिटी 300 मीटर होने की संभावना है।

सेहत को लेकर रहें सावधान
न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के प्रभारी डॉ मनोज कुमार का कहना है कि ऐसे मौसम में बीमारी बढ़ जाती है। बच्चों में निमोनिया का खतरा होता है और शुगर भी अनियंत्रित हो जाता है। हवा के कारण हड्‌डी के मरीजों को भी परेशानी होती है। अगर बचाव नहीं किया जाए तो यह मौसम काफी परेशान करने वाला होता है। ठंड बढ़ने के कारण अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।