इंस्पेक्टर ने बताया कि पंकज मिश्रा इंदिरानगर का रहने वाला है. उसने एक महीने पहले बलरामपुर निवासी पंकज तिवारी से खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए नौकरी दिलाने का झांसा दिया था. नौकरी के लिए उसने साढ़े तीन लाख रुपये का खर्च बताया था. पंकज ने इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट को इसकी जानकारी दी. इंस्पेक्टर के छानबीन की तो पता चला कि इस नाम का कोई आईएएस अधिकारी है ही नहीं. इसके बाद इंस्पेक्टर ने आम बेरोजगार बनकर खुद की नौकरी के लिए फर्जी आईएएस से संपर्क किया.
पंकज(फर्जी आईएएस) ने उन्हें भी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया. कई बार बातचीत के बाद शनिवार रात इंस्पेक्टर के बुलाने पर पंकज हुसैनगंज इलाके में पहुंचा जहां से उसे दबोच लिया गया. इंस्पेक्टर ने बताया कि पंकज शातिर ठग है. इसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. इसकी पृ्ठभूमि ही ठगों वाली है क्योंकी ये पुर्व में भी कई ठगी करते आया है, और जेल भी गया है.
Input-hindustan