DARBHANGA : पूरी दुनिया में मशहूर मिथिला मखाना को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की सरकारी कवायद तेज हो गई है। इसके तहत अब मखाना के लजीज व्यंजन सरकारी दूतावास और एयरपोर्ट पर मिलेंगे। साथ ही सुधा काउंटर पर भी इसकी महक होगी।
दरभंगा मिर्जापुर गोशाला सोसाइटी में मार्केट बनाने की कवायद
मखाना की मार्केटिंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए मिर्जापुर स्थित गौशाला सोसाइटी के मार्केट में शोरूम बनवाने पर विचार चल रहा है। शीघ्र ही इस दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दरभंगा के डीएम ने डॉ. त्यागराजन एसएम ने हाल में औद्योगिक नव प्रवर्तन योजना की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
प्रवासी मजदूरों के समूह को मिलेगा 10 लाख का सरकारी सहयोग
मखाना उद्योग को ग्रामीण स्तर पर लागू करने के लिए प्रवासी कामगारों का समूह बनाया गया है। उन्हें लिमिटेड लाइबलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट के बाद सरकार दस लाख की सहायता राशि देगी। ताकि, गरीबों को पूंजी की कमी नहीं हो। यह योजना केवल प्रवासी कामगारों को ही लाभ देगी। इसके लिए उन्हें कम से कम 10 लोगों का एक समूह एलएलपी के आधार पर बनाना होगा। सभी का एक नेतृत्वकर्ता होगा।
योजना के तहत दरभंगा में चार समूह संचालित हो रहे हैं। पहला समूह बहादुरपुर प्रखंड की मेकनाबैदा पंचायत के कक्षाही गांव में मिथिला मखाना के नाम से महेश मुखिया के नेतृत्व में संचालित है। दूसरा समूह पूअर होम चौक के राजेश कुमार चौधरी के नेतृत्व में मिथिला संचार आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स (सृजन मिथिला) के नाम से संचालित हैं। तीसरा हार्ड मेक पेभर ब्लॉक, मनीगाछी प्रखंड के कायस्थ कवई गांव में बिंदेश्वर राम के नेतृत्व में कार्य कर रहा है। चौथा समूह रेडीमेड गारमेंट्स सदर प्रखंड के सुंदरपुर बेला में अमित कुमार झा के नेतृत्व में कार्य कर रहा है। सभी समूह अलग-अलग उत्पाद तैयार कर रहे हैं। लेकिन, बहादुरपुर में सिर्फ और सिर्फ मखाना पर काम हो रहा है।
कहते हैं जिलाधिकारी
दरभंगा के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम बताते हैं कि सरकार की महत्वाकांक्षी औद्योगिक नव प्रवर्तन योजना से कुशल कामगारों को एलएलपी से जोड़कर मखाना के उत्पाद तैयार कर उसे बेहतर बाजार देने की योजना पर काम चल रहा है। समय रहते आधारभूत संरचना को मजबूत कर इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कवायद पूरी की जाएगी।