2020/12/10

समस्तीपुर : मौसम में बदलाव, ठंड के साथ-साथ सुबह छाई धुंध, सेहत का रखें ख्याल

SAMASTIPUR : ठंड ने कुछ दिनों पूर्व दस्तक दे दी थी, पर बीच में मौसम फिर गर्म था। अब मौसम ने फिर से करवट ले ली है। सुबह ठंड के साथ-साथ धुंध भी छाने लगी है। ऐसे में जिसने मौसम के अनुसार न चलने में लापरवाही बरती, तो उसका बीमार होना तय है। 

शुरुआत की सर्दी में बुजुर्गों व बच्चों का खास ख्याल रखना पड़ता है, अगर लापरवाही बरती गई, तो इन पर यह मौसम ज्यादा प्रभाव डालता है और बीमार कर देता है। सरकारी व निजी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, निमोनिया व वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। यदि ठंड लगने पर तुरंत उपचार न किया जाए तो बच्चों व बुजुर्गों को निमोनिया हो सकता है। ऐसे में ठंड से बचाव के उपाय अपनाने बेहद जरूरी हैं। बीमार होने के कारण

विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी-जुकाम, खांसी व बुखार ठंड लगने से नहीं बल्कि वायरस से फैलते हैं। शरीर जब ठंडा होता है तो नाक व गले की रक्त वाहनियां संकरी हो जाती हैं और इंफेक्शन से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं का प्रवाह कम हो जाता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है और शरीर आसानी से करोना वायरस से संक्रमित हो सकता है। इसके लिए चिकित्सा विशेषज्ञ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। सर्दी लगने पर बीमारी के लक्षण

जोर-जोर से छींक आना, तेज नाक बहना, गले में खराश या खांसी होना, शरीर में अकड़न या बुखार होना, उल्टी व दस्त लगना। 

ठंड से करें बचाव

सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनकर घर से निकलें, ठंड पांव से शरीर में प्रवेश करती है, इसलिए पैरों में मोजे व जूते पहनें। वाहन चलाते समय हाथों में दस्ताने पहनकर रखना चाहिए। भोजन के साथ व अन्य समय में पीने के लिए थोड़ा गर्म पानी का प्रयोग करें। छोटे बच्चों ठंडी हवा न लगने दें। सर्दियों में धूप में अवश्य बैठें। बीमारी का लक्षण दिखते ही ले चिकित्सकीय सलाह

छोटे बच्चों और बुजुर्गों का शरीर कमजोर होता है और जरा सी ठंड लगने पर ही वह बीमार हो जाते हैं। खासकर एक साल से कम उम्र के बच्चों की तो ठंड में देखभाल बेहद जरूरी है। ठंड में सबसे पहले वायरस गले को पकड़ता है और कुछ ही समय में पूरे शरीर में फैल जाता है। डायरिया, वायरल व निमोनिया जैसी बीमारियां होती हैं। फ्रिज में रखी ठंडी वस्तुओं का इस्तेमाल न करें। गुनगुना पानी, ग्रीन टी, गर्म सूप या दूध का सेवन करें। बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।

डॉ. आरके सिंह, फिजिशियन