SAMASTIPUR : रात में ठंड अब लोगों पर भारी पड़ रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अभी तक मुसाफिरों को ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है। इससे रात में ठंड से लोग परेशान हो रहे हैं। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्री ठंड से ठिठुर रहे हैं। कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। नगर परिषद प्रशासन शहरी क्षेत्र में डेढ़ दर्जन से अधिक सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था किए जाने की बात कह रही है।
रविवार को शहर के कई इलाकों सहित बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन का जायजा लिया तो कही भी सरकारी व्यवस्था के तहत अलाव लगा हुआ नजर नहीं आया। शहर के कर्पूरी बस पड़ाव में दरभंगा जाने के लिए यात्रा करने आए रवि प्रताप से बात करने पर कहा कि बस पड़ाव के आसपास कही भी सरकारी स्तर पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ताजपुर रोड होकर गुजर रहे अमन कुमार ने कहा कि बगैर ऊनी कपड़ों के लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। नई दिल्ली जाने स्टेशन पहुंचे संजीव कुमार ने कहा रेलवे के बाहरी परिसर में अलाव की व्यवस्था होती तो ठंड से बड़ी राहत मिलती।
वही बस और ट्रेन से सफर में निकलने के लिए बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले यात्री ठंड से कांपते दिखाई पड़े। बस स्टैंड में तो मुसाफिरों को खुले में समय बिताना भारी पड़ रहा है। मगर जिला प्रशासन की ओर से अभी तक मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं।
ठंड की चपेट में आकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। कोल्ड डायरिया बताकर चिकित्सक अस्पताल में भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। इन सब के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अलाव जलवाने के लिए अभी तक लकड़ी की व्यवस्था नही की गई है। मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए किसी भी प्रकार का बंदोबस्त नहीं किया गया है। इससे ठंड भरी रात में लोग परेशान हो रहे हैं।
सदर अस्पताल में मरीज को कंबल के साथ रूम हीटर की सुविधा:
मौसम में बदलाव के साथ ही सुबह व शाम ठंड का अहसास होने लगता है। ऐसे में ठंड से बचाव के लिए अस्पतालों में भी सरकारी स्तर पर व्यवस्था की गयी है। ताकि मरीजों को ठंड से बचाया जा सके। रविवार को अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम थी। इमरजेंसी वार्ड में भी केवल गंभीर मरीज ही थे। जबकि महिला वार्ड में प्रसूता कंबल में लिपटी हुई थी। वार्डों में मरीजों के पास कंबल था।
किसी के पास लाल कंबल तो किसी के पास अलग रंग का कंबल था। लाल कंबल अस्पताल से मिला था, जबकि अधिकतर मरीज अपने घर से भी कंबल साथ लाए थे। इमरजेंसी में भी यही स्थिति थी। मरीज के परिजन राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें कंबल के लिए पूछा गया था, लेकिन उनके पास स्वयं कंबल है। वार्ड में लगाया गया रूम हीटर:
ठंड को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने वार्ड के तापमान को गर्म रखने के लिए रूम हीटर की व्यवस्था की है। पिछले वर्ष भी हर वार्ड में रुम हीटर लगाया गया था। अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद ने बताया कि सभी वार्ड में रूम हीटर लगाया गया है ताकि मरीजों को परेशानी नही हो। सदर अस्पताल के स्टॉक में फिलहाल सौ कंबल है।
अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि हर वार्ड इंचार्ज के पास कंबल व चादर उपलब्ध है। मरीजों को जरूरत के हिसाब से कंबल दिया जाता है। जबकि प्रत्येक दिन चादर बदला जाता है। इसमें कई मरीज कंबल लेने से इंकार कर देते हैं। सदर अस्पताल में फिलहाल 60 बेड की व्यवस्था है। इसके लिए सौ कंबल की व्यवस्था है।