SAMASTIPUR : विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेमिका के घर ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए झारखंड के रांची में पदस्थापित दारोगा को पंचों ने क्लीन चिट दे दी है। बातें स्पष्ट हो गई कि पूरे प्रकरण में बचाव के लिए दारोगा पक्ष की तलाशी गई जमीन उसे मिल गई। इस संबंध में बताया जाता है कि दो ग्राम पंचायतों के पंचों की महापंचायत आदर्श चौक के समीप एक विद्यालय परिसर में रविवार को हुई। महापंचायत में पंचों की अलग-अलग राय उभरकर सामने आई।
दोनों पक्षों में झड़प होने की स्थिति उत्पन्न होने की बातें भी लोगों द्वारा कही जा रही है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो कथित महापंचायत का फैसला क्या होगा? इसका रूझान रविवार सुबह से ही आने लगी थी। इसकी पृष्ठभूमि विगत दो-तीन दिन पूर्व से तैयार की गई थी। सरपंच पति ने मुचलके की राशि महापंचायत से पूर्व हीं दारोगा के स्वजनों को वापस कर दी थी।
पंचों की मानें तो कथित प्रेमिका ने दारोगा के साथ इतनी बदनामी के बाद शादी करने से इंकार कर दी। पंचों ने दोनों ही पक्षों को मुक्त करते हुए अलग-अलग शादी करवा देने का निर्देश देते हुए पंचायत से चलते बने। पंचों का एक पक्ष इस मामले के दोनों पक्षों को शादी नहीं करने की स्थिति में जुर्माना लगाने को आतुर थे।
जबकि, दारोगा से प्रभावित पक्ष के पंचों ने दोनों पक्षों को फ्री करने के बात पर अडिग खड़े दिखे। इसको लेकर पंचों के बीच भी तनातनी की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोगों की मानें तो दारोगा पक्ष के हितैषियों ने पहले ही लड़की पक्ष को अपने विश्वास में ले रखा था। पूर्व में शादी को आतुर लड़की पक्ष के सूर भी रविवार सुबह बदले-बदले नजर आ रहे थे।
प्रकरण में रोचक पहलू यह था लड़की पक्ष की ओर से वकालत करने वाले लोग भी महापंचायत में दारोगा पक्ष की ओर से खड़े दिख रहे थे। इस संबंध में बोरिया के मुखिया जितेन्द्र कुमार सिंह कहते हैं कि लड़की पक्ष शादी करने को तैयार नहीं हुआ। इस कारण दोनों हीं पक्षों को फ्री कर दिया गया है।
बताते चलें कि विगत 28 नवंबर की रात दारोगा को उसकी कथित प्रेमिका के घर ग्रामीणों ने दबोच लिया था। मामले को शांत करने में स्थानीय पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। दारोगा को पकड़ाए जाने की सूचना पर पहुंचे स्वजनों ने प्रेमिका के ग्रामीणों के समक्ष 10 दिसम्बर को शादी करने का बांड बनाकर ग्रामीणों की चंगुल से मुक्त कराया था। इस बीच बैठी पंचायत में मुचलका की राशि भी जमा कराई गई थी। यह रविवार को महापंचायत पूर्व एक पंच ने वापस भी कर दिया।