2020/12/30

समस्तीपुर जिले के सभी निजी अस्पतालों व नर्सिग होम में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य,नहीं लगाने पर करवाई

SAMASTIPUR : जिले के सभी प्राइवेट अस्पतालों में मरीज व उनके स्वजनों की सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने मंगलवार को आदेश जारी किया है। मरीज की सुरक्षा से संबंधित लापरवाही के मामले सामने आने की वजह से ऐसा कदम उठाया गया है। सिविल सर्जन ने जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के संचालकों को आदेश दिया है कि हर हाल में सीसीटीवी कैमरा लगाना सुनिश्चित कर लें।

सिविल सर्जन ने जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के संचालकों को चेताया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद यदि जांच के क्रम में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ नहीं पाया गया तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। 

मरीजों व उनके स्वजनों एवं आम नागरिकों को निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान सुरक्षा एवं अस्पताल के क्रियाकलाप में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से निजी अस्पतालों में नर्सिंग होम में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाने के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसी एडवाइजरी के आलोक में सिविल सर्जन ने जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के संचालकों को सीसीटीवी कैमरा हर हाल में लगाने का आदेश दिया है। 

मरीजों व उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर उठाया कदम

स्वास्थ्य विभाग द्वारा विगत 15 दिसंबर 2020 को जारी एडवाइजरी (परामर्श) के आलोक में सिविल सर्जन ने जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के संचालकों को हर हाल में सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दिया है। इस आदेश में कहा गया है कि निजी अस्पतालों में आए दिन मरीजों एवं उनके परिजनों की सुरक्षा से संबंधित लापरवाही का मामला प्रकाश में आता रहता है।

 कई बार मरीज के स्वजनों एवं अस्पताल के कर्मियों के बीच विवाद उत्पन्न हो जाता है। यह विवाद मारपीट तक में तब्दील हो जाता है। लेकिन, कई निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगे रहने के कारण मारपीट की घटना की जांच में जांच एजेंसियों को कठिनाईयां होती है और घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती है। पैथोलॉजी लैब में जांच शुल्क की लगानी होगी सूची

जिला अंतर्गत सभी वैध पैथोलॉजी सेंटर में जांच की सुविधा एवं जांच के लिए निर्धारित शुल्क की सूची लगानी होगी। इसको लेकर सिविल सर्जन ने ऑल इंडिया मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन को पत्र जारी किया है। इसमें सभी पैथोलॉजी लैब संचालकों को इसका अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही निर्धारित दर में एकरूपता रखने को भी कहा गया है।

 प्रशासनिक स्तर पर निरीक्षण के दौरान जांच के क्रम में अगर जांच की सुविधा एवं जांच हेतु निर्धारित शुल्क प्रदर्शित नहीं होने पर संबंधित लैब संचालक के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर जिला अंतर्गत अवैध रूप से संचालित लैब की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है ताकि उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाए।