SAMASTIPUR : मौसम बदलने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार की सुबह कोहरा लगा था। हालांकि दिन बढ़ने के बाद थोड़ी धूप निकली। लेकिन फिर पूरा दिन मौसम ठंड सा ही रहा। मौसम परिवर्तन के साथ ही बीमारियों का प्रकोप दिखाना शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं, वहीं इसके लक्षणों में शामिल खांसी, जुकाम, बुखार से लोगों को कोरोना का भी डर सता रहा है। कुछ लोग तो संक्रमण की जांच करा रहे हैं, वहीं कुछ लोग जांच कराने से कतरा भी रहे हैं।
सर्दियों के मौसम में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लापरवाही बरतने का परिणाम जोड़ों में दर्द जैसी परेशानी को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही फास्ट फूड का सेवन भी छोड़ देना चाहिए। इसमें फैट और कार्बोहाइड्रेट अधिक होता है। इससे मोटापा बढ़ता है। इस वजह से शरीर में आलस्य आता है। स्फूर्ति न होने से शरीर के सभी जोड़ों की मूवमेंट कम हो जाती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि जब मूवमेंट कम होती है तो जोड़ों के दर्द की तकलीफें लगातार बढ़ती चली जाती हैं। जितना तापमान गिरेगा उतनी ही तकलीफ बढ़ेगी। जोड़ों में लगातार करें मूवमेंट
जोड़ों के दर्द के दौरान अक्सर लोग जोड़ों का मूवमेंट बंद कर देते हैं। जोड़ों के दर्द और परेशानी बढ़ाने के लिए यह लापरवाही भी जिम्मेदार होती है। हल्के हाथ से दर्द निवारक दवा लगाकार मालिश करना चाहिए।
जोड़ों की मूवमेंट कम करेंगे तब ग्रीस होता है खत्म
हड्डी रोग विशेष डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि जोड़ों को कम उपयोग करेंगे तो कई बार देखने में आता है कि ग्रीस कम हो जाता है। ग्रीस कम होने का मतलब है कि साइनोबिल फ्लूड कम होना। इसलिए मूवमेंट बनाएं रखें। वहीं, उम्र अधिक होने से ओस्ट्रियोफाइड बढ़ जाता है। इसलिए मूवमेंट करें और खान-पान के अलावा गुनगुना दूध पीना चाहिए। हड्डियों की कमजोरी को दूर करने के लिए सबसे उपयुक्त है धूप। धूप विटामिन डी का नेचुरल स्त्रोत है। इसलिए नियमित तौर से लोग कम से आधा घंटा धूप अनिवार्य रूप से लें। इससे हड्डियां मजबूत होंगी। जोड़ों के दर्द में भी फायदा होगा।