बताया जाता है कि बहदुरा गांव निवासी सिपाही प्रसाद की पुत्री ज्योति कुमारी की शादी तय होने के बाद सोमवार की देर शाम एनएच 28 के किनारे मटकोर की रस्म महिलाएं कर रही थीं। इसी दौरान एक ट्रक ने सात महिलाओं को रौंद दिया।
जिससे मौके पर ही सिपाही प्रसाद की बहन दुर्गावती देवी तथा बहदुरा गांव निवासी मुकेश साह की पत्नी ऊषा देवी की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। लेकिन, स्वजनों तथा ग्रामीण तय तिथि को ही ज्योति की शादी करने का फैसला लिया।
मंगलवार की देर शाम गमगीन महौली में बिना बैंड बाजे के सिपाही प्रसाद के घर पर बारात आई। सादगी से पुत्री ज्योति कुमारी की सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कुतुब छपरा (पुरैना) गांव निवासी रामेश्वर प्रसाद कुशवाहा के पुत्र राजन कुमार से शादी की रस्म पूरी की गई।
शादी की रस्म के बाद बुधवार की सुबह भींगी पलकों से ज्योति कुमारी को ग्रामीणों ने उसके ससुराल के लिए विदा किया। इस दौरान गांव में कोई उत्साह नहीं था। गांव के लोगों ने बेटी की शादी होने के कारण इसे टाला नहीं और तय समय पर शादी कर उसे उसके ससुराल विदा कर दिया।