2020/11/28

विटामिन डी की सही खुराक से आपके बच्चे को मिलेगी सेहत और बीमारियों से सुरक्षा

BIHAR-SAHARSA-शरीर को कई तरह से स्वस्थ रखने में विटामिन डी की भूमिका महत्वपूर्ण है। साथ ही बच्चों के शरीर के विकास में भी विटामिन डी जरूरी होता है। 

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.कुमार विवेकानंद ने कहा कि विटामिन डी हड्डियों और मसल हेल्थ के लिए अहम माना जाता है तथा  विटामिन की सही पोषण नहीं मिल पाने के कारण कमजोर दिखने वाले बच्चों के लिए एक तरह से रामबाण है। ऐसे बच्चों को विटामिन डी देने से उनकी ओवर ऑल हेल्थ में सुधार आता है तथा विटामिन डी का हाईडोज लेने से बच्चे का वजन बढ़ाने में मदद मिलती है। उनकी भाषा का विकास होता है तथा विटामिन डी फ्लू से भी बचाता है। 

डॉ.कुमार विवेकानंद ने कहा कि विटामिन डी फैट में घुल जाने वाले विटामिन के समूह में आता है। यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट को एब्जॉर्ब करने की क्षमता को बढ़ाता है। सूरज की रोशनी में शरीर कोलेस्ट्राल से विटामिन डी का निर्माण भी करता है। इसलिए इसे अक्सर सनशाइन विटामिन कहते हैं। विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में लेने से बच्चों के साथ आपको भी अपने दैनिक कार्यों के लिए जरूरी ऊर्जा मिलती है तथा पर्याप्त धूप के साथ प्रतिदिन 400 आईयू (10 ग्राम ) विटामिन डी लेने से आपकी सेहत बनी रहती है।

विटामिन डी के फायदे :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.कुमार विवेकानंद ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेने से कई गंभीर बीमारियों से आप सुरक्षित रहते हैं। मसलन कैंसर, रिकेट्स, ऑस्टियोपोरोसिस, हार्ट डिजीज, किडनी रोग, अस्थमा आदि। इसके अलावा सर्दी-जुकाम, मोटापा, बालों का झड़ना और डिप्रेशन जैसी प्रॉब्लम्स में भी विटामिन डी के सेवन से फायदा होता है।

विटामिन डी इम्यून सिस्टम को बनाता है मजबूत:
विटामिन डी शिशु के विकास में विशेष रूप से सहायक है। अगर डिलीवरी समय से पूर्व हुई है तो उस दौरान होने वाले इन्फेक्शन से भी विटामिन डी बचाता है।

विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा से गिरने, फ्रैक्चर, उच्च रक्तचाप और टाइप-1 मधुमेह से होने वाली चोटों के खतरों को कम करता है।अगर आप चोटिल हो गई हों तो विटामिन डी घाव भरने में भी सहायक है।