मामले की गंभीरता काे देखते हुए पुलिस मूल रूप से बेतिया के रहने वाले प्रेमी अभिषेक कुमार काे बुलाया। वह थाना आने से इनकार कर रहा था पर जब पुलिस ने फटकार लगाई और कहा कि नहीं आने पर केस दर्ज हाे जाएगा ताे दूर्गा पूजा, दिवाली व छठ सब जेल में कटेगा।
उसके बाद वह थाना पहुंच गया। थाेड़ी देर बाद दाेनाें के परिजन भी थाना पहुंच गए और फिर प्रेमी शादी करने से राजी हाे गया। बिना बैंड-बाजा के ही दाेनाें की शादी थाना में हुई। प्रेमी जाेड़े ने एक-दूसरे काे वरमाला पहनाया और जीवन साथी बन गए।
इसके गवाह बने थानेदार मुकेश कुमार वर्मा व वहां माैजूद पुलिस के अन्य अधिकारी व जवान। दाेनाें काे उनके परिजनाें ने आर्शीवाद दिया। पुलिस ने भी आर्शीवाद दिया, फिर दाेनाें वहां से हंसी-खुशी रवाना हाे गए। अभिषेक यारपुर में प्रेमिका के घर से थाेड़ी दूर पर किराए के मकान में रहता है। दाे साल से दाेनाें के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था।