बिहार कांग्रेस के प्रमुख मदन मोहन झा ने दोनों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी में दोनों के शामिल होने की वजह से महागठबंधन राज्य में और मजबूत होगा। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए, सुभाषिनी राव
ने कहा कि उनके पिता अपनी बीमारी के कारण बिहार में चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले पाए हैं।
ने कहा कि उनके पिता अपनी बीमारी के कारण बिहार में चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले पाए हैं।
वहीं, टिकट बंटवारे में अनियमितताओं की रिपोर्ट के बीच, कांग्रेस
अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) शेष 49 सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेगी। कांग्रेस ने 28 अक्टूबर को पहले चरण के चुनाव के लिए 21 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। चुनाव के दूसरे और तीसरे चरण क्रमश: 3 और 7 नवंबर को होंगे। नतीजे 10 नवंबर को घोषित किएजाएंगे।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) 144 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि कांग्रेस 70 सीटों पर। इसके अलावा, वाम दल 29 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहले चरण के लिए 23 या 24 अक्टूबर को एक वर्चुअल रैली को संबोधित करेंगे। मालूम हो कि शरद यादव अपनी पार्टी गठित करने से पहले जेडीयू में थे और उन्होंने पार्टी का अध्यक्ष रहने के साथ कई वर्षों तक राजग के संयोजक की भूमिका भी निभाई।
वर्ष 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण शरद यादव को जेडीयू से निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल का गठनकिया। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वह महागठबंधन का हिस्सा थे और इसी के बैनर तले
मधेपुरा से चुनाव भी लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
मधेपुरा से चुनाव भी लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
