विज्ञापन के रास्ते राजनीति में प्रवेश करने वाली, अपने आपको बिहार का भावी मुख्यमंत्री कहने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी भी बांकीपुर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। सोशल मीडिया पर लगातार चर्चित रहने के बावजूद सार्वजनिक जगहों पर पुष्पम प्रिया चौधरी को कभी नहीं देखा गया।
अक्सर वह दूरदराज के इलाकों में तस्वीरों में ही नजर आई । ऐसे में बांकीपुर विधानसभा की जनता से वह कितनी कनेक्ट हो पाती हैं यह तो चुनाव में पता चलेगा।
कांग्रेस से इस बार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से ताल ठोंकेगे शत्रुघ्न सिन्हा के बड़े बेटे लव सिन्हा। लव सिन्हा के राजनीतिक कैरियर की यदि बात करें तो उनकी पहचान शत्रुघ्न सिन्हा से है और इसके अलावा उनकी दूसरी कोई पहचान नहीं है।
अक्सर शत्रुघ्न सिन्हा के आसपास लव सिन्हा और कुश सिन्हा दिखते रहे हैं। बांकीपुर क्षेत्र की बात की जाए तो लव सिन्हा ने अभी तक यहां ना दौरा किया है और ना ही लोगों के संपर्क में आए हैं। फिर भी इनको लगता है कि बांकीपुर सीट इनके लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित होगा।
अब बात कर लेते हैं भाजपा नेत्री और पूर्व में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रही सुषमा साहू की । सुषमा साहू भाजपा की सबसे तेज तरार महिला नेत्रियों में शुमार हैं।
यह बिहार प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आई तो इनको राष्ट्रीय महिला आयोग का सदस्य बनाया गया। उसके बाद जब वापस यह पटना पहुंची तो उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मन बनाया है।
वैश्य समाज से आने वाली सुषमा साहू भाजपा के ही कैडर वोटों में सेंध लगाने का मन बना चुकी है।
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