इसके बाद अपनी हैवानियत को छिपाने के लिए मां बेटे दोनों को महिला की साड़ी से ही बांधकर नहर में फेंक दिया। हैवान दोनों को मरा समझ वहां से भाग गए। सुबह खेत मे काम करने पहुंचे किसानों ने बेहोशी की हालत में महिला को देखा। उसका मृत बच्चा उसके पेट से बंधा हुआ था ।
सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस में पहुंच छानबीन शुरू कर दी। महिला बेहोशी की हालत में बार-बार कह रही थी 'हमरा जे करे के बा कर ली, हमर बबुआ के छोड़ दीहीं'। होश आने पर महिला ने अपनी पहचान बताते हुए बताया कि कल वह अपने मायके से बैंक में छह हजार रुपये जमा करने के लिए चौगाईं अपने छह वर्षीय बेटे के साथ निकली थी।
उसके गांव से तकरीबन आधा किलोमीटर की दूरी पर रास्ते में ओझाबरांव गांव के ही भोला यादव और मीना राम कुछ साथियों के साथ मिल गया और उसे पकड़ बधार में ले गया। वहां सभी ने महिला के साथ कई बार दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
महिल उसका बच्चा छोड़ देने की गुहार लगाते रही, लेकिन हैवानों ने उनकी एक न सुनी। बाद में साक्ष्य मिटाने के लिए पहले उसके बेटे की गला दबाकर हत्या की गई, उसके बाद उसको महिला की साड़ी से ही महिला के पेट में बांधकर दोनों को नहर में फेंक दिया।
मुरार थाना प्रभारी मनोज पाठक ने बताया महिला की हालत बहुत खराब है उसके पिता भी यहां आए हैं उन लोगों के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। महिला को मेडिकल जांच के लिए भेजा जा रहा है।
बिहार- बेटे की हत्या कर मां के साथ 7 युवकों ने किया गैंगरेप, मां बेटे दोनों को महिला की साड़ी से ही बांधकर नहर में फेंका