2020/10/18

बदलते मौसम में सेहत का रखें ख्याल कमजोर इम्यूनिटी वाले अधिक प्रभावित होते- डीपीएम

BIHAR-SUPAUL- मौसम में बदलाव आ रहा है। बदलते मौसम में सामान्य जुकाम-बुखार की गिरफ्त में कोई भी आ सकता है। इससे सिरदर्द,  भूख न लगना,  मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना, बुखार, खांसी, गला बैठने जैसी दिक्कतें होती हैं। ये परेशानियां कुछ हफ्तों तक भी रह सकती हैं।

क्यों होती है यह परेशानियां :
डीपीएम बालकृष्ण चौधरी ने बताया कि शरीर का रोग प्रतिरोधी तंत्र बदलते मौसम के हिसाब से खुद को ढालने में थोड़ा समय लेता है। ऐसे में कमजोर इम्यूनिटी वाले अधिक प्रभावित होते हैं। इस कारण सबसे पहले गला खराब होता है जिसके बाद नाक में रुकावट आना प्रमुख है।

सर्दी-जुकाम से निपटने के लिए करें घरेलू उपाय :
डीपीएम बालकृष्ण चौधरी ने कहा कि अदरक की चाय या हल्दी मिला गुनगुना दूध पी सकते हैं। गुनगुना पानी पीने के अलावा इसमें शहद मिलाकर गरारे कर सकते हैं। अदरक- नमक या अदरक व तुलसी के पत्तों का मिश्रण फायदेमंद होता है।

सर्दी-जुकाम संक्रामक: 
पहले 24 घंटे मरीज में रोग की स्थिति संक्रामक होती है। छींकने या खांसने के दौरान फैलने वाले कीटाणु अन्य लोगों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक जुकाम रहने पर नाक से बहने वाला पतला द्रव गाढ़ा होकर पीला हो जाता है। हालांकि यह सामान्य है जिसमें दवाओं के बजाय सेहत का ध्यान रखने की जरूरत होती है।

डॉक्टरी सलाह की जरूरत :
डीपीएम बालकृष्ण चौधरी ने कहा कि कुछ दिनों तक जुकाम रहने के बाद यदि सांस लेने में तकलीफ, अचानक सीने व पेट में दर्द, चक्कर आना, व्यवहार में बदलाव, बार-बार बिना कारण उल्टी (जो ठीक न हो) रही हो या हफ्तेभर में सावधानी के बावजूद सुधार न हो तो डॉक्टरी सलाह लें।

समस्याओं से बचाव के आसान उपाय :
साफ - सफाई का ध्यान रखें, हाथ नियमित धोएं, नाक पोंछने, छींक, खांसी होने के समय रुमाल  इस्तेमाल में लें। पहले से इस्तेमाल में ली गई निजी वस्तुओं को साझा न करें।

कोरोना काल में  इन उचित व्यवहारों का करें पालन 
- एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
- अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
- आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।