BIHAR-SUPAUL-कोविड- 19 के संक्रमण में जिले में आयी गिरावाट को बरकरार या और कम करने के लिए जरूरी है कई मोर्चों पर कोरोना के विरुद्ध संघर्ष को बनाये रखना। जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सुपौल बालकृष्ण चौधरी ने इस पर बल देते हुए कहा कि आने वाले त्यौहारों में बाहर रह रहे लोगों का घर आना, विधानसभा चुनाव, जैसे कई ऐसे कारण हैं जो कोरोना संक्रमण की दर में आयी गिरावट को प्रभावित कर सकते हैं।
फिर से कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ी है
विश्व एवं देश के अन्य हिस्सों से आ रही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पर जिला कायर्क्रम प्रबंधक महोदय पैनी नजर रखे हुए हैं। जहाँ जुलाई माह के अंत में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या गिरावट दर्ज की गई किन्तु क्षेत्रीय पर्व -त्यौहार एवं बन्दे भारत मिशन के तहत विदेशों से आये लोगों के कारण फिर से कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ी है। साथ ही कोरोना अपने लक्षणों में भी बदलाव लाने में सक्षम रहा। जिले की वत्तर्मान स्थिति ऐसी ही है कि आने वाले त्यौहार एवं आसन्न चुनाव दोनों कोरोना संक्रमण को गति प्रदान कर सकते हैं।
45 वर्ष से अधिक के लोगों को खास ख्याल रखने की सलाह
वत्तर्मान परिदृश्य में कोरोना, वैसे लोगों जो सह रूग्णता यानि कई अन्य गंभीर बीमरियों जैसे- उक्त रक्तचाप, मधुमेह, अस्थमा आदि रोगों से पूर्व से ग्रसित हैं को सहज अपना शिकार बना रहा है। ऐसे लोगों का आयुवर्ग 45 वर्ष से अधिक हैं। ऐसे में इस आयु वर्ग के वैसे लोग जो सह रूग्णता से ग्रसित हैं उन्हें खास ख्याल रखने की सलाह देते हुए बालकृष्ण चौधरी कहते हैं कि देश से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि कोरोना संक्रमण पश्चात इनकी मृत्युदर सबसे अधिक है। श्री चौधरी यह बताने से नहीं चूकते हैं कि वैसे लोग जो 60 वर्ष से अधिक के हैं उन्हें तो और भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस आयुवर्ग के अधिकांश लोग सह रूग्णता के पूर्व से ही शिकार रहते हैं। अतएव कोरोना संक्रमण पश्चात इनकी मृत्यु दर और अधिक पायी गई है।
कोरोना प्रोटोकॉल के मानक उपाय सबसे कारगर
हालांकि जिले की अधिकांश आबादी 14 से 35 वर्ष के आयुवर्ग की है जो सह रूग्णता की शिकार नहीं हैं। जिस कारण वे कोरोना प्रोटोकॉल के मानक उपायों यथा- मास्क के उपयोग, हाथों की साबुन पानी से अच्छी तरह सफाई या सैनिटाइजर के उपयोग, दो गज की शारीरिक दूरी बनाये रखने आदि के उपयोग मात्र से ही कोरोना संक्रमण से बच पाये हैं। जिले में पूर्व से किये गये नियमित टीकाकरण, पल्स पोलियो अभियान, मिशन इन्द्रधनुष सहित अन्य सभी कायर्क्रमों के माध्यमों से 14 वर्ष से कम आयुवर्ग के लोग अपना सम्पूर्ण टीकाकरण करवाने में सफल रहकर कोरोना संक्रमण से कम से कम ग्रसित हो पाये। इस प्रकार आयुवर्ग एवं सह रूग्णता को आधार मानते हुए आवश्यक है कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए रणनीति विकसित किया जाय तकि कोरोना संक्रमण की गति को कम से कम किया जा सके।
कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन
- एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
- अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
- आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।