स्नातक प्रथम व द्वितीय खंड के अलावा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर 2020 की परीक्षा लिए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। अब स्नातक प्रथम और द्वितीय खंड के 2.88 लाख छात्रों को परीक्षा देनी होगी।
कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने परिषद के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षिक मानक एवं दिशा को तय करने वाला विद्वत परिषद सबसे बड़ा निकाय है। विश्वविद्यालय का चेहरा जो बाहर परावर्तित होता है, वह दो बातों पर निर्भर करता है।
पहला अच्छे व मेधावी छात्रों का नामांकन होना व अच्छी शिक्षा प्रदान करना। दूसरी उन्हें समय से वैध एवं मानक डिग्री प्रदान करना। ऐसे होगी स्नातक प्रथम और द्वितीय खंड की परीक्षा.
स्नातक प्रथम और द्वितीय खंड की परीक्षा में 100 अंकों के सभी सैद्धांतिक अनुसांगिक, सामान्य, भाषा के प्रश्न पत्रों में 100 बहुविकल्प वाले प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें 80 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। परीक्षा को लेकर डेढ़ घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
प्रायोगिक विषयों वाले 75 अंक के सैद्धांतिक पत्रों में 100 प्रश्न पत्र होंगे। डेढ़ घंटे में छात्रों को 75 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। संगीत के अनुसांगिक, सामान्य सैद्धांतिक पत्र जो 50 अंक के होते हैं इसमें 60 बहुविकल्पी प्रश्न दिए जाएंगे। एक घंटे में छात्रों को 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रतिष्ठा के प्रश्न पत्र पूर्व की तरह ही रहेंगे
प्रतिकुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने कहा कि सत्र नियमित करने के लिए उतर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन अवधि को कम करने की आवश्यकता है। कहा कि स्नातक प्रथम और द्वितीय खंड के सभी विषयों के प्रतिष्ठा के प्रश्न पत्र पूर्व की तरह ही रहेंगे। जबकि अनुसांगिक, सामान्य एवं भाषा के प्रश्न पत्र बहुविकल्प के होंगे। उत्तर ओएमआर शीट पर देने होंगे।
सौ अंको के सभी सैद्धांतिक अनुसांगिक, सामान्य, भाषा के प्रश्न पत्रों में 100 बहुविकल्प के प्रश्न होंगे। कहा कि जिन की परीक्षा संचालित नहीं हो रही है उनकी ऑनलाइन क्लास चलते रहेंगे । बैठक में कई सदस्य शामिल थे।