परसा विधानसभा क्षेत्र के डेरनी में आयोजित सभा को संबोधित करने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे थे। मंच पर लालू के समधी चंद्रिका राय और उनकी बेटी व तेज प्रताप की पत्नी ऐश्वर्या भी मौजूद थीं।
नीतीश ने भाषण देना शुरू किया तो कुछ युवाओं ने लालू-तेजस्वी जिंदाबाद के साथ ही लालू के समधी चंद्रिका राय के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
नाराज नीतीश ने पूछा, "क्या बोल रहे हो जी, जो बोलना है हाथ उठा कर बोलो। भीड़ में खड़े होकर अनाप-शनाप क्यों बोल रहे हो। यहां पर हल्ला नहीं करो। तुमको अगर वोट नहीं देना है मत दो।" इसके बाद नीतीश कुमार ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि बताइए जरा कि ये जो हल्ला कर रहा है, वो सही है क्या?
नीतीश ने चंद्रिका राय के बारे में बताते हुुए कहा कि 1985 में जब आए तो विधानसभा के सदस्य के रूप में हम भी जुड़े हुए थे। तब ये कांग्रेस और हम विपक्ष में थे। तब उनका पहला भाषण सुना। जब इनकी पूरी बात हमने सुनी, हम अपनी सीट से उठकर इनके पास गए और इनको बधाई दी कि आपने कितनी अच्छी बात कही।
ऐश्वर्या के साथ हुए व्यवहार की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि इतनी पढ़ी लिखी महिला हैं और इनके साथ कितना दुर्व्यवहार हुआ। किसी को कहीं से अच्छा नहीं लगा। हम लोग भी शादी में गए थे। जो भी हुआ कितना बुरा लगा। यह दृश्य नहीं होना चाहिए। नीतीश की नसीहत के बाद हल्ला-गुल्ला कुछ कम हो गया।