उन्होंने कहा कि एनडीए ने मुझे विधानसभा की 11 और एक एमएलसी की एक सीट दी है। इसके लिए मैं एनडीए के तमाम नेताओं को तहे दिल से धन्यवाद देता हूं।
सहनी ने कहा कि हमारी पार्टी में कई साथी मुंगेर, नवादा, नालंदा, शेखपुरा आदि जगहों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन वह नहीं लड़ पाए। इसके लिए मुझे बहुत अफसोस है।
मैंने एमएलसी का पद अपने लिए रखा था लेकिन अब मैं सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव लड़ रहा हूं। मैंने यह निर्णय किया है कि एमएलसी का पद अति पिछड़ा समाज में नोनिया जाति को दिया जाएगा।
सहनी ने कहा कि हमने 5 सीटें अति पिछड़ा, 4 सामान्य, 2 पिछड़ा एवं 1 दलित समाज को दिया है। एक भी सीट परिवार के व्यक्ति को नहीं दिया गया है।
मुझे पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में फिर से प्रचंड बहुमत से एनडीए की सरकार बनेगी।
सहनी ने जो उम्मीदवार घोषित किए उनमें ब्रह्मपुत्र से जयराज चौधरी, मधुबनी से सुमन महासेठ, अलीनगर से मिश्री लाल यादव, साहिबगंज से राजीव कुमार सिंह, बनियापुर से वीरेंद्र कुमार ओझा, गौडाबौराम से स्वर्णा सिंह, सुगौली से रामचंद्र सहनी, सिमरी बख्तियारपुर से खुद मुकेश सहनी, बलरामपुर से अरुण कुमार झा, बोचहां से मुसाफिर पासवान और केवटी से हरीश सहनी शामिल हैं।