सुशील मोदी ने कहा कि राज्यसभा में रविवार को जो हुआ उससे सारे बिहार के लोग मर्माहत हैं। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश प्रसाद का जीवन बहुत सम्मानपूर्वक रहा है।
राज्यसभा में उनके साथ अमर्यादित घटना हुई है इससे पूरे बिहार के अस्मिता को ठेस पहुंची है। विपक्ष ने लोकतंत्र के मंदिर में जिस तरह का अमर्यादित व्यवहार किया है वह बहुत ही निंदनीय है। विपक्ष के इस अपमानजनक बर्ताव का बिहार की जनता करारा जवाब देगी।
मोदी ने कहा कि रघुवंश प्रसाद के निधन के बाद एक बार फिर राजद का दोहरा चरित्र उजागर हुआ। रघुवंश बाबू जिंदगी भर जिस पार्टी में रहे, उस पार्टी में उन्हें अंतिम दिन पत्र लिखने के लिए बाध्य होना पड़ा।
उनके परिवार के लोग इतने दुखी थे उनका पार्थिव शरीर राजद कार्यालय ले जाने से भी मना कर दिया। सुशांत मामले में जहां कांग्रेस बिहार में सीबीआई जांच कर की मांग कर रही थी वहां महाराष्ट्र में इसके खिलाफ थी। यह कांग्रेस का दोहरापन रवैया दिखाता है।
नीतीश कुमार ने कहा कि रविवार को राज्यसभा में जो हुआ वह बहुत ही गलत हुआ। इसकी जितनी निंदा की जाए कम होगी। किसानों के हित में काम किया गया है। हमलोगों ने तो 2006 में एपीएमसी एक्ट समाप्त कर दिया था। उस समय भी राजद और अन्य विरोधी दलों ने विधानसभा में हंगामा किया था।
एपीएमसी एक्ट खत्म करने से किसानों को बहुत लाभ हुआ। अब यह काम पूरे देश में हो रहा है। किसान जहां चाहे वहां अपना सामान बेच सकता है। किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है। पहले एपीएमसी के चलते किसानों को कठिनाई होती थी।
रविवार को दो विधेयक फार्मर्स एंड प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) व फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस पर वोटिंग के दौरान विपक्ष ने वेल में नारेबाजी की थी। तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति हरिवंश की माइक तोड़ने की कोशिश की थी और रूल बुक फाड़ दिया था।