बताया जाता है कि बसड़ा गांव निवासी पुनीता कुमारी की शादी रिती-रिवाज के साथ मझौलिया के गुरचुरवा निवासी हरेन्द्र पड़ित के बड़े पुत्र के साथ 4 साल पहले हुई थी।
शादी के बाद पुनीता को पता चला कि उसका पति मानसिक विक्षिप्त है।
उससे पुनीता को दांपत्य जीवन का सुख नहीं मिला। जिसके बाद समय के साथ ही पुनीता काे देवर राकेश कुमार पड़ित से प्रेम हाे गया। देवर-भाभी के संबंध से एक दो साल का बच्चा है, व दूसरा बच्चा पुनीता की कोख में पल रहा है।
बात उजागर होने पर लड़का-लड़की पक्ष के साथ पंचायत के मुखिया एवं सरपंच ने प्रेम-विवाह करने पर मुहर लगा दी।
नतीजतन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मझौलिया शिव मंदिर में राकेश ने पुनीता की मांग भरकर साथ जीने-मरने की कसमें खाई।
इस अवसर पर मझौलिया पुलिस को भी सूचित किया गया और सभी की मौजूदगी में शादी संपन्न हुई। पुनीता ने बताया कि उन दोनों के बीच विगत चार वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा है।
इस बीच वे पति-पत्नी की तरह समय गुजारे है। डेढ़ वर्ष की बच्ची तथा गर्भ में पल रहा शिशु भी राकेश का ही है।