इसके मद्देनजर शनिवार को स्थानीय परिसदन परिसर में मिथिला और तिरहुत क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक क्रमश: अजिताभ कुमार और गणेश कुमार की अध्यक्षता में सात जिलों के एसपी की बैठक हुई। इस दौरान अपराधियों और शराब के अवैध धंधेबाजों पर नकेल कसने की रणनीति बनी।
तय हुआ कि एक से दूसरे जिले में बदमाश नहीं जा सके। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सहरसा और खगडिय़ा जिले के एसपी ने एक दूसरे को अपने क्षेत्र के बदमाशों की सूची दी।
हर जिले की पुलिस अब अपने क्षेत्र के बदमाशों के साथ दूसरे जिले के अपराधियों की भी खोज करेगी। उसे संरक्षण देनेवालों को भी दबोचा जाएगा। इसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीम काम करेगी। दोनों आइजी ने कहा कि चुनाव में बदमाशों का दबंगई नहीं चले।
आइजी द्वय ने सीमावर्ती क्षेत्र से शराब की खेप नहीं पहुंचे, इसको लेकर संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया। बड़े शराब धंधेबाजों को चिह्नित करने और एक से अधिक जिले के आरोपित को सलाखों के भीतर रखने की बात कही।
पुलिस अलर्ट रहे और पड़ोसी जिले की पुलिस से समन्वय कर प्रमुख सड़कें और ङ्क्षलक सड़कों पर पैनी नजर रखें। चेक प्वाइंट बनाएं। सीमावर्ती क्षेत्र के थानेदार आपस में बैठक कर जगह चिह्नित करें। ताकि, अधिक से अधिक दूरी में उस चेक प्वाइंट का लाभ मिल सके।
सातों जिलों के एसपी ने चुनाव को लेकर अपना अनुभव शेयर किया। छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देने को कहा गया। बैठक के निर्देशों का अनुपालन करने के बाद फिर से समीक्षा बैठक करने की बात कही गई।
बैठक में दरभंगा एसएसपी बाबू राम, मधुबनी के डॉ. सत्य प्रकाश, समस्तीपुर के विकास वर्मन, सहरसा के राकेश कुमार, खगडिय़ा के अमितेश कुमार सहित मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिले के एसपी सहित दरभंगा और समस्तीपुर के एएसपी शामिल थे।