हादसे में आरोपित की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत चार घायल हो गए। घायलों को राजगढ़ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ठाकुरगंज थाने की पुलिस गैंगेस्टर एक्ट के आरोपित फिरोज अली को पकड़कर लखनऊ ला रही थी। एसीपी चौक आइपी सिंह के मुताबिक गैंगेस्टर एक्ट में फरार मूलरूप से बहराइच के दरगाह शरीफ घंटा घर निवासी आरोपित फिरोज उर्फ समी की तलाश में ठाकुरगंज थाने में तैनात दारोगा जगदीश प्रसाद पांडेय व सिपाही संजीव सिंह निजी गाड़ी से मुंबई गए थे।
पुलिस के साथ फिरोज का साढ़ू भाई अफजल भी था, जबकि गाड़ी सुलभ मिश्र चला रहा था। बताया जाता है कि पुलिस इसे अपने साथ आरोपित की पहचान व उसके ठिकाने की जानकारी के लिए लेकर गई थी। गाड़ी को चालक सुलभ मिश्रा निवासी लखनऊ चला रहा था।
आरोपित फिरोज अली मुंबई के नाला सोपारा इलाके की झुग्गी झोपड़ी में रह रहा था, जिसे शनिवार को गिरफ्तार कर पुलिस लखनऊ के लिए निकली थी। रविवार को सुबह करीब साढ़े छह बजे पुलिस टीम की गाड़ी गुना जिले पाखरिया पुरा टोल से ब्यावरा के पास तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई।
गाड़ी इतनी तेज थी कि वह सड़क के दूसरी लेन में जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के फौरन गाड़ी के बीच का दरवाजा खुला गया, जिससे फिरोज अली, अफजल और संजीव नीचे गिर गए। हादसे में फिरोज की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं अफजल का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि दारोगा जगदीश, सिपाही संजीव और चालक सुलभ घायल हो गए।
गाय को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा चांचौड़ा टीआइ राकेश गुप्ता ने उच्चाधिकारियों को घटना के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह घटना स्थल पर पहुंचे और छानबीन की।
दारोगा जगदीश प्रसाद पाण्डेय ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि सड़क पर अचानक गाय सामने आ गई थी, जिसे बचाने के चक्कर में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि चालक को झपकी आने के कारण हादसा हुआ।