मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में हमलोगों ने एपीएमसी (कृषि उपज बाजार समिति) एक्ट को समाप्त किया था। इसका बड़ा लाभ किसानों को हुआ। मुख्यमंत्री सोमवार को प्रधानमंत्री द्वारा किये गये बिहार की सड़क-पुल परियोजनाओं के ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सीएम नीतीश ने कहा कि राज्यसभा में रविवार को जो कुछ हुआ है, वह बहुत ही गलत है। इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है। बिहार में एपीएमसी एक्ट हटाते वक्त विधानमंडल में भी विपक्ष ने कुछ ऐसा ही किया था। राजद के लोग खूब हंगामा किये थे।
आपने पूरे देश से एपीएमसी एक्ट को हटाया है। इससे किसान पूरे देश में कहीं पर और किसी को भी अपनी उपज बेच सकते हैं। नये कानून के तहत कांट्रैक्ट फॉर्मिंग से भी किसानों को लाभ होगा।
इसके लिए आपको बधाई देते हैं। बिहार में पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव सोसाइटी) के माध्यम से अनाज खरीद की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पीएम पैकेज के तहत 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा सड़क एवं पुलों के निर्माण पर खर्च किये जा रहे हैं।
पैकेज के अतिरिक्त भी कुछ योजनाओं की शुरुआत की गई है। आज हर गांव में ऑप्टिकल फाइबर योजना का शुभारंभ किया गया है। इससे बिहार के 45,945 गांवों तक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हम आपको आश्वस्त करना चाहते है कि ये जो कुछ लोग अनाप-शनाप बोलते रहते हैं, उसका जनता पर कोई असर नहीं है। बिहार की जनती सीधे काम देख रही है। आपके और राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे काम पर जनता को पूरा भरोसा है।
लोगों को भरोसा है कि उनका और युवा पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल होगा। यह भी कहा कि जुलाई के अंत में गांधी सेतु का एक सिरा बनकर तैयार हुआ था। उस समय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी से हमने अनुरोध किया था
कि एनएच 80 मोकामा से लखीसराय होते हुए मुंगेर तक को फोरलेन में, मुजफ्फरपुर से बरौनी तक एनएच 28 को फोरलेन में, खगड़िया से पूर्णिया तक की सड़क को फोरलेन में एवं मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी-सोनवर्षा एनएच 77 को फोरलेन में परिवर्तित किया जाए। मुझे खुशी है कि इनकी भी स्वीकृति हो गई है।
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