बबिता के खिलाफ खूंटी में सात केस दर्ज हैं, जबकि सामू व बिरसा पर लगभग दस केस खूंटी जिला में दर्ज होने की बात सामने आयी है। गिरफ्तारी के पहले तक फेसबुक पर सक्रिय थी बबिता कच्छप गिरफ़्तारी के ठीक पहले तक सक्रिय थी।
जानकारी के मुताबिक, सामू और बिरसा को पुलिस ने तांपी जिले के व्यारा तालुका से गिरफ्तार किया है। वहीं दोनों की निशानदेही पर बबिता की गिरफ्तारी महिसागर जिले के संतरामपुर तालुका से हुई। बबिता रांची के डोरंडा जबकि बाकि दोनों आरोपी खूंटी के मुरहू के रहने वाले हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक बनाने के बाद आयी चर्चा मेंखूंटी में विवादित पत्थलगड़ी कर संविधान की गलत व्याख्या करने का आरोप पत्थलगड़ी समर्थकों पर लगा था।
खूंटी में डीसी, एसपी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को जबरन बंधक बनाने के मामले में बबिता कच्छप चर्चा में आयी थी।तात्कालिन भाजपा सरकार ने जब पत्थ्लगड़ी आंदोलन को लेकर कार्रवाई शुरू की तब बबिता कच्छप अंडरग्राउंड हो गई थी, जबकि इस विवाद के पीछे मास्टरमाइंड के तौर पर चिन्हित विजय कुजुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
इस परिवार को पत्थलगड़ी समर्थक भारत सरकार मानते हैं। खूंटी में विवादित पत्थलगड़ी का प्रशिक्षण भी तापी में ही दिया जाता था। तापी के कुंवर केसरी सिंह के परिजनों को भी खूंटी पुलिस ने विवादित पत्थलगड़ी के केस में आरोपी बनाया था।
Input-hindustan