SAMASTIPUR : बिहार के समस्तीपुर कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बरहेत्ता निवासी 30 वर्षीय दीपक कुमार देव की गोली मारकर हत्या करने के मामले में गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई। पुलिस आवेदन के इंतजार में है।
लेकिन चल रही चर्चाओं को मानें तो इतना तय है कि पहले हत्यारे ने फोन कर बुलाया। जब वह अपने घर के पास पहुंचा तो उसके सिर में चार गोलियां उतार दी। अब पुलिस के पास मृतक का फोन ही हत्यारों तक ले जाने का एकमात्र सुराग है।
जिसके कॉल डिटेल के आधार पर हत्यारों की छानबीन की जा सकती है। वैसे इस घटना के बाद आक्रोशित बरहेता के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। समस्तीपुर-दरभंगा पथ को घंटों बाधित कर दिया। काफी मशक्कत के बाद शाम में यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी। मुख्य सड़क के बीचोबीच शव के साथ बैठी मृतक की मां नीलम देवी का रोते-रोते बुरा हाल था। उसकी चीख-पुकार से वहां मौजूद लोगों का भी गला रुंध गया था।
यातायात बाधित करने की सूचना पर थाना अध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण दल बल के साथ जामस्थल पर पहुंचे। लेकिन आक्रोशितों ने उनकी एक न सुनी। लोगों की मांग थी कि पुलिस के वरीय पदाधिकारियों को बुलाया जाए। मृतक के स्वजनों को मुआवजा मिले और अपराधियों की गिरफ्तारी अविलंब हो। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से बीस हजार का चेक दिया गया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक प्राथमिकी दर्ज करने के लिए परिजनों द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है। वैसे पुलिस अपने स्तर से जांच में जुटी हुई है। बता दें कि दीपक इन दिनों अपने फुआ के घर मुजफ्फरपुर गया हुआ था। वहां से एक फोन कॉल के बाद वह अपने घर के लिए चला।
अभी वह घर भी नहीं पहुंच पाया था कि हत्यारों ने उसके सिर में नजदीक से चार गोलियां दाग दी। मौके पर ही वह ढ़ेर हो गया। पुलिस को उस बाइक की भी तलाश है जिस बाइक से दीपक अपने फुआ के घर से चला था। संभावना जताई जा रही है कि हत्या को अंजाम देने के बाद हत्यारे बाइक भी लूटकर चलते बने।